R

Raiachnd katariya

1songs
0followers
0likes
Joined Oct 2026

Raiachnd's Songs

(1)
[Intro - Solo Sarangi]

ओ म्हारा बलमा...
ओ म्हारा परदेसिया...
थारी बाट निहारूं सायबा...
कद आवोला म्हारा सांवरिया...

[Chorus]

धोरे माथे झोपड़ी,
धरती लोड़ा खाय रे।
बलम जी थारे बिण,
जीवड़ो घबराय रे।

एकली बैठी रोऊं मैं,
नैणां नीर बहाय रे।
थाने परदेस गयो म्हारो बलमा,
मनड़ो म्हारो भरमाय रे।

[Verse 1]

सांझ पड़ै तो द्वार खड़ी,
थारी बाट निहारूं।
रेतीला रस्ता देखूं बलमा,
थारो नाम पुकारूं।

चूल्हो ठंडो, आंगण सूणो,
सूणी पड़ी रसोई।
थारे बिण म्हारा सायबा,
किण नै कहूं दुखड़ो कोई।

[Chorus]

ओ म्हारा बलमा रे,
घर वापस आजो रे।
थारे बिण मर जाऊं एकली,
म्हारी सुध तो लेजो रे।

[Verse 2]

चंदो चढ़्यो आकास में,
तारा चमके रात।
थारी याद सतावे बलमा,
याद करूं वो बात।

खाट पड़ी है सूनी म्हारी,
तकियो पूछे हाल।
थारे बिण म्हारा सायबा,
जीवड़ो पड़्यो बेहाल।

[Instrumental - Sarangi and Algoza]

ओ म्हारा बलमा...
थारी बाट निहारूं...
धोरा री रेतड़ली मांय,
थाने याद करूं...

[Verse 3]

थारी चिट्ठी हाथ में लेकै,
बारंबार पढ़ूं।
थारा लिख्या दो बोलां खातर,
सारी रात जगूं।

चूड़लड़ी भी सूनी लागे,
पायल रोवै पांव।
थारे बिण म्हारी दुनिया सूनी,
सूणो लागे गांव।

[Final Chorus]

धोरे माथे झोपड़ी,
धरती लोड़ा खाय रे।
बलम जी थारे बिण,
जीवड़ो घबराय रे।

ओ म्हारा बलमा रे,
घर वापस आजो रे।
थारे बिण मर जाऊं एकली,
म्हारी सुध तो लेजो रे।

[Outro - Soft Sarangi]

ओ म्हारा बलमा...
घर वापस आजो...
थारी बाट निहारूं...
म्हारा सायबा...
Zori5 Turbo

[Intro - Solo Sarangi] ओ म्हारा बलमा... ओ म्हारा परदेसिया... थारी बाट निहारूं सायबा... कद आवोला म्हारा सांवरिया... [Chorus] धोरे माथे झोपड़ी, धरती लोड़ा खाय रे। बलम जी थारे बिण, जीवड़ो घबराय रे। एकली बैठी रोऊं मैं, नैणां नीर बहाय रे। थाने परदेस गयो म्हारो बलमा, मनड़ो म्हारो भरमाय रे। [Verse 1] सांझ पड़ै तो द्वार खड़ी, थारी बाट निहारूं। रेतीला रस्ता देखूं बलमा, थारो नाम पुकारूं। चूल्हो ठंडो, आंगण सूणो, सूणी पड़ी रसोई। थारे बिण म्हारा सायबा, किण नै कहूं दुखड़ो कोई। [Chorus] ओ म्हारा बलमा रे, घर वापस आजो रे। थारे बिण मर जाऊं एकली, म्हारी सुध तो लेजो रे। [Verse 2] चंदो चढ़्यो आकास में, तारा चमके रात। थारी याद सतावे बलमा, याद करूं वो बात। खाट पड़ी है सूनी म्हारी, तकियो पूछे हाल। थारे बिण म्हारा सायबा, जीवड़ो पड़्यो बेहाल। [Instrumental - Sarangi and Algoza] ओ म्हारा बलमा... थारी बाट निहारूं... धोरा री रेतड़ली मांय, थाने याद करूं... [Verse 3] थारी चिट्ठी हाथ में लेकै, बारंबार पढ़ूं। थारा लिख्या दो बोलां खातर, सारी रात जगूं। चूड़लड़ी भी सूनी लागे, पायल रोवै पांव। थारे बिण म्हारी दुनिया सूनी, सूणो लागे गांव। [Final Chorus] धोरे माथे झोपड़ी, धरती लोड़ा खाय रे। बलम जी थारे बिण, जीवड़ो घबराय रे। ओ म्हारा बलमा रे, घर वापस आजो रे। थारे बिण मर जाऊं एकली, म्हारी सुध तो लेजो रे। [Outro - Soft Sarangi] ओ म्हारा बलमा... घर वापस आजो... थारी बाट निहारूं... म्हारा सायबा...

Raiachnd katariya
0