ANAND KUMAR TIWARI

ANAND KUMAR TIWARI

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Joined Oct 2026

ANAND's Songs

(1)

जय रेवा मैया, जय नर्मदा रानी,
तेरी महिमा गाएँ भक्त और ज्ञानी।
नर्मदे हर… नर्मदे हर…
जय-जय नर्मदे हर॥

[मुखड़ा]

रेवा के तट पर दीप जलाऊँ,
मैया तेरी आरती गाऊँ।
तेरे चरणों में शीश झुकाकर,
मन की विनती तुझे सुनाऊँ॥

नर्मदे हर, नर्मदे हर,
जय नर्मदा मैया नर्मदे हर।
नर्मदे हर, नर्मदे हर,
जय रेवा मैया नर्मदे हर॥

[अंतरा 1 — पावन नर्मदा तट]

तेरी लहरें मोती जैसी,
जल में छवि उजियारी।
तेरे तट की धूल भी मैया,
लगती हमको प्यारी॥

सुबह-सुबह जब सूरज निकले,
सोने-सी धारा चमके।
तेरी पावन छटा देखकर,
मन का अँधियारा मिटे॥

घाट किनारे बैठ के मैया,
तेरा नाम सुनाऊँ।
रेवा मैया, दया करो माँ,
तेरे गुण गाता जाऊँ॥

[कोरस]
जय नर्मदा, जय रेवा रानी,
महिमा तेरी बड़ी सुहानी।
नर्मदे हर, नर्मदे हर,
तू है जग की जीवनदानी॥

[अंतरा 2 — संध्या की आरती]

संध्या आई, दीप सजाए,
घंटा मंदिर में बाजे।
शंखनाद की पावन धुन पर,
भक्तों के मन नाचें॥

फूलों की माला लेकर मैया,
तेरे द्वार पे आएँ।
दीप जलाकर हाथ जोड़कर,
तेरी महिमा गाएँ॥

लहर-लहर में दीप झिलमिलाएँ,
रात लगे सुखदाई।
तेरी आरती गाते-गाते,
आँखें भरकर आईं॥

[कोरस]
आरती गाएँ, जय-जय गाएँ,
रेवा मैया नाम।
नर्मदे हर, नर्मदे हर,
जय नर्मदा सुखधाम॥

[अंतरा 3 — भक्त की विनती]

मेरे मन में भक्ति जगाना,
मैया मुझे अपनाना।
सत्य और सेवा की राह पर,
हर दिन मुझे चलाना॥

मन में मेरे दया बसा दो,
दूर करो अभिमाना।
सबके दुख को अपना समझूँ,
ऐसा भाव जगाना॥

जब भी मन घबराए मैया,
तेरा ध्यान लगाऊँ।
तेरे पावन नाम के सहारे,
जीवन राह बनाऊँ॥

[कोरस]
मैया दया की छाँव रखना,
अपने चरणों पास रखना।
नर्मदे हर, नर्मदे हर,
भक्ति का विश्वास रखना॥

[अंतरा 4 — गाँव और खेत]

तेरे जल से खेत लहलहाएँ,
हरियाली मुस्काए।
किसान अपने श्रम के बल पर,
खुशियों के गीत सुनाएँ॥

गाँव-गाँव में जीवन बहता,
तेरी निर्मल धारा।
पशु-पक्षी और वन के प्राणी,
तू सबका सहारा॥

तेरे जल की रक्षा करना,
हम सबका कर्तव्य।
मैया तेरी धारा निर्मल,
रखना हमारा संकल्प॥

[कोरस]
जय जीवनदायिनी नर्मदा,
जय धरती की शान।
तेरी धारा अमृत जैसी,
तेरा ऊँचा नाम॥

[अंतरा 5 — रेवा की महिमा]

पर्वत से मैदान तलक माँ,
तेरी महिमा छाई।
तेरी धारा जहाँ भी पहुँची,
नई उमंग है लाई॥

पत्थर-पत्थर, घाट-घाट पर,
तेरी छवि निराली।
तेरे तट की भोर सुहानी,
तेरी रात उजाली॥

संत-महात्मा नाम जपें,
भक्त करें गुणगान।
रेवा मैया तेरे चरणों में,
मिलता सच्चा ज्ञान॥

[कोरस]
जय रेवा, जय नर्मदा,
जय-जय माँ कल्याणी।
नर्मदे हर, नर्मदे हर,
महिमा तेरी सुखदानी॥

[अंतरा 6 — प्रेम और सद्भाव]

तेरे तट पर सब जन आएँ,
कोई बड़ा न छोटा।
प्रेम की माला सबको बाँधे,
मन का भेद हो खोता॥

दीन-दुखी की सेवा करके,
तेरी पूजा कर लें।
भूखे को भोजन दे मैया,
प्रेम के दीपक धर लें॥

क्रोध मिटे और प्रेम बढ़े माँ,
सबके मन में दया।
तेरी कृपा से जग में फैले,
शांति और सद्भाव सदा॥

[कोरस]
सबको प्रेम सिखाना मैया,
सच्ची राह दिखाना।
नर्मदे हर, नर्मदे हर,
अपनी कृपा बरसाना॥

[अंतरा 7 — सुख-दुख में मैया]

सुख के दिन में तुझे न भूलूँ,
दुख में धीरज पाऊँ।
तेरे चरणों की याद सँजोकर,
हर मुश्किल सह जाऊँ॥

मन में जब निराशा छाए,
आशा दीप जलाना।
रेवा मैया नाम तुम्हारा,
हिम्मत मुझे दिलाना॥

तेरी महिमा गाते-गाते,
जीवन बीत ही जाए।
अंत समय भी मुख पर मैया,
तेरा नाम ही आए॥

[कोरस]
नर्मदे हर, नर्मदे हर,
जय नर्मदा महारानी।
तेरे चरणों में अर्पित मैया,
मेरी कथा पुरानी॥

[अंतिम मुखड़ा — सामूहिक कोरस]

रेवा के तट पर दीप जलाऊँ,
मैया तेरी आरती गाऊँ।
तेरे चरणों में शीश झुकाकर,
मन की विनती तुझे सुनाऊँ॥

जय नर्मदा, जय रेवा रानी,
तेरी महिमा बड़ी सुहानी।
नर्मदे हर, नर्मदे हर,
तू है जग की जीवनदानी॥

[कोरस — तीन बार]

नर्मदे हर, नर्मदे हर,
जय नर्मदा मैया नर्मदे हर।
नर्मदे हर, नर्मदे हर,
जय रेवा मैया नर्मदे हर॥

[समापन — धीमी बाँसुरी]

रेवा मैया… रेवा मैया…
तेरी महिमा अपरंपार।
नर्मदे हर… नर्मदे हर…
जय नर्मदा सरकार॥
, Road trip vibes
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जय रेवा मैया, जय नर्मदा रानी, तेरी महिमा गाएँ भक्त और ज्ञानी। नर्मदे हर… नर्मदे हर… जय-जय नर्मदे हर॥ [मुखड़ा] रेवा के तट पर दीप जलाऊँ, मैया तेरी आरती गाऊँ। तेरे चरणों में शीश झुकाकर, मन की विनती तुझे सुनाऊँ॥ नर्मदे हर, नर्मदे हर, जय नर्मदा मैया नर्मदे हर। नर्मदे हर, नर्मदे हर, जय रेवा मैया नर्मदे हर॥ [अंतरा 1 — पावन नर्मदा तट] तेरी लहरें मोती जैसी, जल में छवि उजियारी। तेरे तट की धूल भी मैया, लगती हमको प्यारी॥ सुबह-सुबह जब सूरज निकले, सोने-सी धारा चमके। तेरी पावन छटा देखकर, मन का अँधियारा मिटे॥ घाट किनारे बैठ के मैया, तेरा नाम सुनाऊँ। रेवा मैया, दया करो माँ, तेरे गुण गाता जाऊँ॥ [कोरस] जय नर्मदा, जय रेवा रानी, महिमा तेरी बड़ी सुहानी। नर्मदे हर, नर्मदे हर, तू है जग की जीवनदानी॥ [अंतरा 2 — संध्या की आरती] संध्या आई, दीप सजाए, घंटा मंदिर में बाजे। शंखनाद की पावन धुन पर, भक्तों के मन नाचें॥ फूलों की माला लेकर मैया, तेरे द्वार पे आएँ। दीप जलाकर हाथ जोड़कर, तेरी महिमा गाएँ॥ लहर-लहर में दीप झिलमिलाएँ, रात लगे सुखदाई। तेरी आरती गाते-गाते, आँखें भरकर आईं॥ [कोरस] आरती गाएँ, जय-जय गाएँ, रेवा मैया नाम। नर्मदे हर, नर्मदे हर, जय नर्मदा सुखधाम॥ [अंतरा 3 — भक्त की विनती] मेरे मन में भक्ति जगाना, मैया मुझे अपनाना। सत्य और सेवा की राह पर, हर दिन मुझे चलाना॥ मन में मेरे दया बसा दो, दूर करो अभिमाना। सबके दुख को अपना समझूँ, ऐसा भाव जगाना॥ जब भी मन घबराए मैया, तेरा ध्यान लगाऊँ। तेरे पावन नाम के सहारे, जीवन राह बनाऊँ॥ [कोरस] मैया दया की छाँव रखना, अपने चरणों पास रखना। नर्मदे हर, नर्मदे हर, भक्ति का विश्वास रखना॥ [अंतरा 4 — गाँव और खेत] तेरे जल से खेत लहलहाएँ, हरियाली मुस्काए। किसान अपने श्रम के बल पर, खुशियों के गीत सुनाएँ॥ गाँव-गाँव में जीवन बहता, तेरी निर्मल धारा। पशु-पक्षी और वन के प्राणी, तू सबका सहारा॥ तेरे जल की रक्षा करना, हम सबका कर्तव्य। मैया तेरी धारा निर्मल, रखना हमारा संकल्प॥ [कोरस] जय जीवनदायिनी नर्मदा, जय धरती की शान। तेरी धारा अमृत जैसी, तेरा ऊँचा नाम॥ [अंतरा 5 — रेवा की महिमा] पर्वत से मैदान तलक माँ, तेरी महिमा छाई। तेरी धारा जहाँ भी पहुँची, नई उमंग है लाई॥ पत्थर-पत्थर, घाट-घाट पर, तेरी छवि निराली। तेरे तट की भोर सुहानी, तेरी रात उजाली॥ संत-महात्मा नाम जपें, भक्त करें गुणगान। रेवा मैया तेरे चरणों में, मिलता सच्चा ज्ञान॥ [कोरस] जय रेवा, जय नर्मदा, जय-जय माँ कल्याणी। नर्मदे हर, नर्मदे हर, महिमा तेरी सुखदानी॥ [अंतरा 6 — प्रेम और सद्भाव] तेरे तट पर सब जन आएँ, कोई बड़ा न छोटा। प्रेम की माला सबको बाँधे, मन का भेद हो खोता॥ दीन-दुखी की सेवा करके, तेरी पूजा कर लें। भूखे को भोजन दे मैया, प्रेम के दीपक धर लें॥ क्रोध मिटे और प्रेम बढ़े माँ, सबके मन में दया। तेरी कृपा से जग में फैले, शांति और सद्भाव सदा॥ [कोरस] सबको प्रेम सिखाना मैया, सच्ची राह दिखाना। नर्मदे हर, नर्मदे हर, अपनी कृपा बरसाना॥ [अंतरा 7 — सुख-दुख में मैया] सुख के दिन में तुझे न भूलूँ, दुख में धीरज पाऊँ। तेरे चरणों की याद सँजोकर, हर मुश्किल सह जाऊँ॥ मन में जब निराशा छाए, आशा दीप जलाना। रेवा मैया नाम तुम्हारा, हिम्मत मुझे दिलाना॥ तेरी महिमा गाते-गाते, जीवन बीत ही जाए। अंत समय भी मुख पर मैया, तेरा नाम ही आए॥ [कोरस] नर्मदे हर, नर्मदे हर, जय नर्मदा महारानी। तेरे चरणों में अर्पित मैया, मेरी कथा पुरानी॥ [अंतिम मुखड़ा — सामूहिक कोरस] रेवा के तट पर दीप जलाऊँ, मैया तेरी आरती गाऊँ। तेरे चरणों में शीश झुकाकर, मन की विनती तुझे सुनाऊँ॥ जय नर्मदा, जय रेवा रानी, तेरी महिमा बड़ी सुहानी। नर्मदे हर, नर्मदे हर, तू है जग की जीवनदानी॥ [कोरस — तीन बार] नर्मदे हर, नर्मदे हर, जय नर्मदा मैया नर्मदे हर। नर्मदे हर, नर्मदे हर, जय रेवा मैया नर्मदे हर॥ [समापन — धीमी बाँसुरी] रेवा मैया… रेवा मैया… तेरी महिमा अपरंपार। नर्मदे हर… नर्मदे हर… जय नर्मदा सरकार॥ , Road trip vibes

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