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Echoes of Midnight
Atmospheric

Echoes of Midnight

Sagnik GhoshSagnik Ghosh
0 likes1 plays5:43
Style: alternative rock, guitar, synth, drums, 125 bpm, atmospheric, moody, textured, Heavy bass, Soulful vocals, Melancholic, whisper, violin, flute, strings, peaceful, damru,
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Lyrics

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[Intro]

(ॐ नमः शिवाय...)

(ब्रह्म जिग्यासा है यह, अग्यान का आवरण मिटाने के लिए...)

[Verse 1]

तुमने पूछा—शिव का आकार क्या है?

क्या वो जटाधारी, त्रिशूलधारी, कोई आम इंसान है?

वेदों के पन्नों को खोलो, उपनिषदों का मर्म जानो,

वो कोई देहधारी नहीं, वो तो अनंत महाशून्य, महाप्राण हो!

लोककथाओं का धुआँ हटाओ, भ्रम की जंजीरों को काटो,

सच्चा शिव क्या है, इस सत्य को अपने मन में बांटो।

वो महादेव हैं—अजर, अमर, चेतना की तीव्र धारा,

जिसकी ऊर्जा से स्पंदित होता यह ब्रह्मांड सारा!

[Chorus]

शिव ही सत्य है, शिव ही अनंत है!

महादेव ही स्रिष्टि का आदि और अंत है!

शिव-शिव बोलो, महादेव-महादेव गाओ,

इस ब्रह्म का अंत नहीं, इस सत्य को अपनाओ!

सारे भ्रम को मिटाकर, उस अनंत में लीन हो जाओ!

[Verse 2]

अब समझो शिवलिंग का अर्थ, मिटाओ भ्रम के सारे कूप,

'लिंग' नहीं कोई शारीरिक अंग, वो तो असीम ब्रह्म का स्वरूप!

जिसका न आदि, न अंत कोई, शून्यता का प्रतीक है जो,

अनादि शक्ति का महा-उत्स—इस गूढ़ रहस्य को जानो तो!

पाषाण की प्रतिमाओं में उसे कैद करो मत नादान,

शिव तो अणुओं के भीतर, हर कण में है विद्यमान।

केन्द्रस्थ केदारनाथ में, वह स्वयंभू पावन स्पंदन,

महादेव—जिसकी महा-अग्नि में लीन होता त्रिजगत्-नंदन!

[Verse 3]

तुमने पूछा—क्रिष्ण कौन है, वेदों में उसका क्या स्थान है?

क्रिष्ण वो पूर्ण पुरुष है, उपनिषदों का जो सार महान है!

वेद कहते हैं—क्या कोई अंतिम पथ-प्रदर्शक आएगा?

जो मानव को ईश्वर के सच्चे मार्ग पर ले जाएगा?

मूर्तियों की कैद से उठकर, वेदों का संदेश यही कहता है—

सच्चा आराधक वही है, जो अपने 'स्वयं' को पहचानता है!

[Chorus]

शिव ही सत्य है, शिव ही अनंत है!

महादेव ही स्रिष्टि का आदि और अंत है!

शिव-शिव बोलो, महादेव-महादेव गाओ,

इस ब्रह्म का अंत नहीं, इस सत्य को अपनाओ!

सारे भ्रम को मिटाकर, उस अनंत में लीन हो जाओ!

(Outro / समापन - धीमी, गहरी और स्पष्ट गूंज)

ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या!

शिवोहम! शिवोहम! शिवोहम!

शिव... महादेव...

(गिटार की भारी गूंज के साथ धीरे-धीरे सन्नाटा छा जाता है)

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