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Electric Flute Choir
Electronic

Electric Flute Choir

RK BajpaiRK Bajpai
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Style: synth, Energetic, female vocal, choir, flute
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आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की । व्रिंदावन - कुंज बिहारी की ॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की । व्रिंदावन - कुंज बिहारी की ॥

मुख श्री इंदीवर-दल श्यामल

राजीव नयन चितवनि चंचल

अरूणाभ अधर जिमि बिंबाफल

दशनावलि बाल मराल धवल ।

शिर मोर मुकुट छवि न्यारी की ॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की व्रिंदावन कुंज बिहारी ..

कुंचित-लट-केश कपोलन पर

कल किंकिनि राजत कटि तट पर

हाथन्ह कलधौत के कंकन वर

पद नूपुर रुन-झुन धुनि मनहर ।

दामिनि रुचि शुचि पट धारी की ॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की व्रिंदावन कुंज बिहारी ..

दधि मथति जबहिं जसुदा रानी

गावति सुत लीलहि म्रिदु बानी ।

तबहिं कन्हैया पकरि मथानी

ठाढ़े ठुनकत शिशु-हठ ठानी ।

माखन को हाथ पसारी की ॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की व्रिंदावन कुंज बिहारी ..

प्रतिबिंब विलोकत खंभन्हि-मनि

नाचत हरि भाव भरी चितवनि

कंकन-किंकिनि-नूपुर धुनि सुनि

हरषाति मनहिं- मन नंद घरनि ।

लीला लखि लीलाधारी की॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की व्रिंदावन कुंज बिहारी ..

कालिय दह नाग नथैया की

फन ऊपर न्रित्य करैया की

कालिय बल-दर्प मथैया की

ब्रिजवासिन्ह शोक हरैया की।

जमुना जल निर्विषकारी की ॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की व्रिंदावन कुंज बिहारी ..

करिबे को माखन की चोरी

कछु गुइयां कान्हा ने जोरी

घुस गए एक ग्वालिन- पौरी

भागे लै इक मटकी लहुरी

जय माखन चाखन हारी की॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की व्रिंदावन कुंज बिहारी ..

कर लकुटी कांधे कामरिया

दूजे कर मोहिनि बांसुरिया

आगे बछिया- बछरा गइयां

तिन के पाछे नंगे पइयां गो, वत्स चरावन हारी की॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की व्रिंदावन कुंज बिहारी ..

सुरपति कर गर्व मिटाई दियो

कर पर गिरिराज उठाई लियो

ब्रिजवासिन्ह सबहिं बचाई लियो

गिरि-पूजा पर्व चलाई दियो

जय गोवर्धन गिरिधारी की॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की व्रिंदावन कुंज बिहारी ..

जेहिं सदा सिद्ध शिव अज घ्यावैं

जस जासु शेष सारद गावैं

जासु बखान न श्रुति करि पावैं

ता कहुँ ग्वालिन नाच नचावैं ।

जय नटवर नाचनहारी की ॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की व्रिंदावन कुंज बिहारी ..

यथा बिहित जमुना-तट जाई

माधव मुरली मधुर बजाई

गोपि व्रिंद धुनि सुनि चली आई

महारास तब रचेउ कन्हाई

जै रास रचावनहारी की ॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की व्रिंदावन कुंज बिहारी ..

अमित रूप निज क्रिष्ण बनाई

हर गोपी संग एक कन्हाई

अमित गोपियां अमित कन्हाई

दिव्य 'रास ' रस जग प्रगटाई

जै गत सौरत अविकारी की॥

आरति श्री क्रिष्ण मुरारी की व्रिंदावन कुंज बिहारी ..

प्रेम सहित आरति जो गावै

ताकै निकट अनिष्ट न आवै

पाप-ताप-दारिद मिटि जावै

सुख-संपदा-शांति घर आवै

सरनागत सार सँभारी की

जन-सुरतरु मंगलकारी की ॥

आरति श्री क्रिष्ण मुर

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