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Dhwani Ka Dhyan
Instrumental

Dhwani Ka Dhyan

Abhishek SharmaAbhishek Sharma
0 likes1 plays6:04
Style: indian classical, sitar, tabla, tanpura, raaga, meditative, traditional
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Lyrics

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श्यामपुरा-कचोलिया री माटी

राजस्थानी लोकगीत + Dj फ्यूजन | पुरुष एवं महिला डुएट

[Intro]

खम्मा घणी सा... राम-राम सा!

केसरिया बालम री धरती,

रंगीलो राजस्थान!

श्यामपुरा-कचोलिया री माटी,

म्हारो अभिमान!

[महिला आवाज़ – मधुर आलाप]

म्हारी बोली में मिठास सा,

म्हारी माटी में प्यार,

रंग-बिरंगी संस्क्रिति म्हारी,

राजस्थान री शान!

[Chorus]

आयो रे आयो, त्योहारां रो रंग,

गूंजे म्हारे गांव में लोकगीतां रो संग।

ढोल बजे, नगाड़ा बाजे,

खुशियां आवे द्वार!

श्यामपुरा-कचोलिया,

म्हारो गांव, म्हारो संसार!

[Verse 1]

युवा सपनां की बात निराली,

नई उमंग, नई तैयारी।

शिक्षा, सेवा और संस्कार,

गांव की अपनी पहचान।

बुजुर्गां रो मान रहे,

युवाओं रो सम्मान रहे।

सबकी बात सुनी जाए,

गांव में खुशहाली आए।

[Verse 2]

माटी री खुशबू न्यारी सा,

अपणापन हर द्वार।

खेत-खलिहान, चौपालां में,

गूंजे प्रेम रो सार।

पंचायत री बात निराली,

जनता री भागीदारी।

गांव की हर गतिविधि में,

रहे सबकी हिस्सेदारी।

[Verse 3]

सहज स्वभाव, मिलनसारिता,

शिक्षा और अनुभव की चर्चा।

पूर्व वार्ड पंच के रूप में,

मनीषा शर्मा की पहचान।

श्यामपुरा-कचोलिया पंचायत,

सरपंच पद की प्रत्याशी।

कमलेश कुमार शर्मा की धर्मपत्नी,

मनीषा शर्मा की पहचान न्यारी।

[विशेष घोषणा – पुरुष आवाज़]

ग्राम पंचायत श्यामपुरा-कचोलिया!

सरपंच पद की प्रत्याशी – मनीषा शर्मा।

[Verse 4]

धनतेरस की जगमग रात,

दीपावली की रोशनी साथ।

गोवर्धन पूजा की खुशहाली,

भाई दूज की खुशियां निराली।

हर आंगन में दीप जलें,

हर चेहरे पर मुस्कान खिले।

राजस्थानी संस्क्रिति की खुशबू,

हर दिल में आबाद रहे।

[फाइनल कोरस – दोनों आवाज़ | DJ बीट]

केसरिया बालम री धरती,

रंगीलो राजस्थान!

श्यामपुरा-कचोलिया री माटी,

म्हारो अभिमान!

ढोल बजे और खड़ताल बाजे,

झूमे सारा गांव!

राजस्थानी संस्क्रिति की गूंज,

फैले चारों धाम!

[Outro]

बोलो तलाई वाले बालाजी महाराज की...

[महिला एवं पुरुष]

जय!!!

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