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Midnight Jazz Echoes
Electronic

Midnight Jazz Echoes

Firdaus SiddiqueeFirdaus Siddiquee
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Style: lo-fi hip hop, vinyl crackle, mellow, chill, 85 bpm, jazzy, relaxing, beats, Electronic beats, Funky guitar, male vocal, piano, guitar, drums, happy, sad, romantic, violin, saxophone
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Lyrics

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By Firdverse

[Intro]

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

जिसे हम अपना समझ बैठे...

[Chorus]

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

ताने जो तुमसे थे सुने,

कैसे हम करते अनसुने...

खंजर की तरह थे वो,

जो तूने अल्फाज़ थे चुने...

मैं फिर भी सब कुछ सह गया,

तुझसे मैं कुछ ना कह सका...

इतना कमज़ोर क्यों था मैं?

आँसुओं को रोक ना सका...

[Verse 1]

आँखें अब सूनी सी हैं,

कैसी ये अनहोनी हुई...

दिल में एहसास थे कई,

ख्वाबों में तुम थी परी...

तुम ऐसे तो ना थे कभी,

मैं क्यों हकीकत से जागा?

ख्वाबों में जब मेरे थे तुम,

तब ना कोई दर्द था आधा...

जब तुम हाथों में आ गए,

किसकी बातों में आ गए?

जिस दिल में घर बनाया था,

उसी को तन्हा कर गए...

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

[Verse 2]

मुझसे क्यों लड़ते हो सनम?

देखो ना, हम तेरे ही हैं...

तुमको भी हमसे प्यार है,

या झूठे मेरे भरम ही हैं?

कुछ तो तुम में ईमान हो,

मुझको भी अपना मान लो...

मैं कोई गैर तो नहीं,

मैं भी इंसान हूँ ना...

मिट्टी का ढेर तो नहीं,

चलो मिट्टी ही मान लो...

हाथों से मुझको सान लो,

अपने हिसाब से ढाल लो...

खिलौना ही बना लो ना,

कमरे में सजा लो ना...

तुम तो कलाकार हो बड़े,

मुझको भी कोई शक्ल दो...

मैं इक मिट्टी का ढेर था,

जिसको वो देख ना सका...

जिसके हाथों में घर था मेरा,

वही मुझे चुन ना सका...

[Chorus]

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

जिसे हम अपना समझ बैठे...

[Verse 3]

पत्थर थी जैसे तुम कोई,

मैं जैसे टूटा काँच था...

तुम मीठी झील जैसी थी,

मैं प्यासा रेगिस्तान था...

तुझको तो सब मिला सनम,

हमको तो छाँव भी नहीं...

सीने में दर्द तो है मगर,

कहने को अल्फाज़ भी नहीं...

कुछ ख्वाब तेरे नाम किए,

कुछ खुद से भी अंजान रहे...

हम इश्क़ में तेरे खो गए,

और तुम किसी और के हो गए...

[Bridge]

कभी तो याद आएगा,

जो तेरे लिए था रो दिया...

जो खुद को भूल बैठा था,

तुझे पाने की चाह में...

बस एक बार केह देना,

के तुम वो शख्स नहीं थे...

जिसे हमने चाहा था,

जिसके हम कभी करीब थे...

[Final Hook – Soft, Emotional High Point]

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

केह दो कि तुम नहीं थे वो...

[Outro]

केह दो...

कि तुम नहीं थे वो...

जिसे हमने...

अपना माना था...

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