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Mata Rani Ki Aarti
Devotional

Mata Rani Ki Aarti

Harry PotterHarry Potter
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Style: Traditional Indian Mata Rani Aarti, sweet melodious female solo devotional vocals, soulful and powerful voice, authentic traditional Hindu temple singing style, medium tempo, harmonium, dholak, tabla, manjira and soft temple bells. Beautiful devotional melody, clear Hindi pronunciation, graceful singing with proper pauses. Start softly and gradually build emotional devotional energy. Keep the exact lyrics unchanged, no extra words, no improvisation, no western instruments, no pop music., female vocal
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Lyrics

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अम्बे तू है जगदम्बे काली – माता की आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली।

तेरे ही गुण गायें भारती,

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

माता तेरे भक्त जनों पर भीड़ पड़ी है भारी,

दानव दल पर टूट पड़ो माँ करके सिंह सवारी।

सौ-सौ सिंहों से बलशाली,

अष्ट भुजाओं वाली,

दुखियों के दुखड़े निवारती।

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली।

तेरे ही गुण गायें भारती,

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

माँ बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता,

पूत कपूत सुने हैं पर ना माता सुनी कुमाता।

सब पर करुणा दर्शाने वाली,

अमृत बरसाने वाली,

दुखियों के दुखड़े निवारती।

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली।

तेरे ही गुण गायें भारती,

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

नहीं माँगते धन और दौलत, ना चाँदी ना सोना,

हम तो माँगें माँ तेरे मन में एक छोटा सा कोना।

सबकी बिगड़ी बनाने वाली,

लाज बचाने वाली,

सतियों के सत को सँवारती।

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली।

तेरे ही गुण गायें भारती,

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

चौथा अंतरा

आदि शक्ति आदि भवानी, तुम हो जनहितकारी,

जिसने तुझको याद किया माँ, आई सिंह सवारी।

सौ-सौ सिंहों से बलशाली,

अष्ट भुजाओं वाली,

दुखियों के दुखड़े निवारती।

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली।

तेरे ही गुण गायें भारती,

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

पाँचवाँ अंतरा

भक्त तुम्हारे जिस दिन मैया, तेरे ही गुण गाएँ,

मनवांछित वर दे दे उनको, तुमसे ध्यान लगाएँ।

मैया तू ही वर देने वाली,

जाए ना कोई खाली,

दर पे तुम्हारे माता मांगती।

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

छठा अंतरा

चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।

वरद हस्त सर पर रख दो माँ, संकट हरने वाली॥

माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओं वाली,

भक्तों के कारज तू ही सारती।

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

ओ देवी हम सब उतारें तेरी आरती॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली।

तेरे ही गुण गायें भारती,

ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥

जय माता दी!

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