
Echoes Of Fading Light
PRO & Creator Features
Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Photo Covers, LoRA) or Creator (Voice Clone, Variations, Edit Sections, Stem Separation).
Audio2Audio Remix
Pro & Creator
Voice Clone
Creator
Create Variations
Creator only
Edit Sections
Creator only
Stem Separation
Creator only
Lyrics
▶ Play this song to follow along.
तेरी याद का मौसम है, मेरी रूह में ठहरा है,
तू पास नहीं फिर भी, हर तरफ़ तेरा चेहरा है...
ना जाने कैसी उल्फ़त है, ना जाने कैसी चाहत है,
तू मेरा नहीं फिर भी, तुझसे ही मोहब्बत है...
इश्क़ की राहों में, तन्हा सफ़र कर रहे हैं,
तेरी क़ुर्बत के ख़्वाबों में, हर रात मर रहे हैं।
ऐ मेरे हमनफ़स, तू कहाँ खो गया है,
तेरे बिन ये दिल मेरा, ख़ुद से ही जुदा है।
तेरी कशिश आज भी, साँसों में बाक़ी है,
तेरी आरज़ू ही मेरी, आख़िरी ख़्वाहिश बाक़ी है।
तेरा तसव्वुर करके, रातें गुज़ारते हैं,
तेरे दीदार की ख़ातिर, ख़ुद को पुकारते हैं।
ना हिज्र सहा जाए, ना फ़िराक़ मिटता है,
तेरे बिना ये दिल अब, कहीं नहीं लगता है...
ओ मेरे दिलरुबा... ओ मेरे सनम...
क्यों छोड़ गए मुझको, तन्हा इस जनम...
तेरी उल्फ़त में हम, ख़ुद को भुला बैठे,
तुझको पाने की चाह में, सब कुछ गँवा बैठे।
तू विसाल बन ना सका, मैं हिज्र बन के रह गया,
तू किसी और का हुआ, मैं तेरा होकर रह गया...
तेरी नज़ाकत का अब भी, एहसास होता है,
तेरे महबूब का दिल, हर रोज़ रोता है।
तेरी जानाँ कहने की, आदत नहीं जाती,
तेरी यादों से मेरी, रात नहीं कट पाती।
तेरी परस्तिश में हमने, ख़ुदा को भी पुकारा,
मगर मेरी क़िस्मत ने, ना तुझको सँवारा।
तेरी रुसवाई का भी, इल्ज़ाम लिया हमने,
तेरी ख़ामोशी को भी, पैग़ाम लिया हमने...
कभी सोचा ना था, ये दिन भी आएगा,
जिसे रूह में बसाया, वही रुलाएगा।
तू लौट के आएगा, ये आरज़ू रखते हैं,
हम आज भी तेरे लिए, दिल में जगह रखते हैं।
ना कोई शिकायत है, ना कोई गिला है,
बस तेरे बिना जीना, एक सज़ा है...
ओ मेरे दिलरुबा... सुन ले मेरी सदा,
तेरे बिन अधूरी है, मेरी हर दास्ताँ...
इश्क़ भी तू, उल्फ़त भी तू,
मेरी हर एक चाहत भी तू।
तू मेरा विसाल नहीं, मेरा हिज्र सही,
मेरी हर दुआ में, तेरा ज़िक्र सही।
मैं आज भी वहीं हूँ, जहाँ तू छोड़ गया,
मेरा दिल तो आज भी, तुझमें ही रह गया...
ऐ मेरे महबूब...
कभी फ़ुर्सत मिले तो याद करना...
एक शख़्स था...
जो तुझसे बेइंतहा मोहब्बत करता था...
और तू चला गया...
मगर उसका इश्क़... आज भी वहीं ठहरा है...