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Rooh Ka Falsafa
Hindi

Rooh Ka Falsafa

Bakulbhai SharmaBakulbhai Sharma
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Style: 🌹 उर्दू के खूबसूरत एक्सप्रेसिव शब्द उर्दू शब्द हिंदी अर्थ एहसास अनुभूति तसव्वुर कल्पना ख़याल विचार रूह आत्मा तन्हाई अकेलापन कैफ़ियत मनःस्थिति मुहब्बत प्रेम कशिश आकर्षण आरज़ू इच्छा जुस्तजू तलाश फ़लसफ़ा दर्शन ख़ामोशी मौन रूहानियत आध्यात्मिकता इज़हार अभिव्यक्ति तअल्लुक़ संबंध ख़ुद्दारी स्वाभिमान बेख़ुदी आत्मविस्मृति दानिश बुद्धिमत्ता वजूद अस्तित्व मुकम्मल पूर्ण ✨ आपकी कविता के लिए कुछ प्रभावशाली पंक्तियाँ दिल की कैफ़ियत को लफ़्ज़ों में ढालता हूँ, मैं अपने वजूद का फ़लसफ़ा लिखता हूँ। ख़यालों की जुस्तजू में मुसाफ़िर हूँ मैं, हर एहसास को एक नया नाम देता हूँ। मेरी ख़ामोशी भी एक इज़हार रखती है, मेरी तन्हाई भी अपना किरदार रखती है। क्या खूबसूरत है न! 🌹, happy
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Lyrics

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ख़यालों की दुनिया में चलता रहा हूँ,

कभी ख़ुद से, कभी जग से मिलता रहा हूँ।

न मंज़िल की जल्दी, न शोहरत की चाहत,

मैं अपने ही दिल की सुनता रहा हूँ।

किताबों के पन्नों में ढूँढ़ी है दुनिया,

कभी फ़लसफ़े में ज़िंदगी पढ़ता रहा हूँ।

कभी मन के सवालों ने घेरा है मुझको,

कभी ख़ामोशियों से मैं लड़ता रहा हूँ।

नफ़रत की दीवारें गिराना है मुझको,

मुहब्बत का पैग़ाम लिखता रहा हूँ।

जो गुज़रा है कल, वो तजुर्बा बना है,

उसी तजुर्बे से सँवरता रहा हूँ।

न कोई मुकम्मल, न कोई अधूरा,

मैं इंसान हूँ, ख़ुद को गढ़ता रहा हूँ।

खुला मन रहे और खुले हों नज़रिये,

इसी रोशनी में मैं बढ़ता रहा हूँ।

ज़िंदगी एक किताब है, हर दिन नया बाब है,

जो सीखता रहे उम्र भर, वही असल कामयाब है।

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