
Divya Shanti Bhajan
PRO & Creator Features
Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Photo Covers, LoRA) or Creator (Voice Clone, Variations, Edit Sections, Stem Separation).
Audio2Audio Remix
Pro & Creator
Voice Clone
Creator
Create Variations
Creator only
Edit Sections
Creator only
Stem Separation
Creator only
Lyrics
▶ Play this song to follow along.
[Verse 1]
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे
ॐ जय जगदीश हरे
[Verse 2]
जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का, स्वामी दुःख बिनसे मन का
सुख सम्पत्ति घर आवे, सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का
ॐ जय जगदीश हरे
[Verse 3]
मात पिता तुम मेरे, शरण गहूँ किसकी, स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी
तुम बिन और न दूजा, तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी
ॐ जय जगदीश हरे
[Verse 4]
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी, स्वामी तुम अन्तर्यामी
पारब्रह्म परमेश्वर, पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सब के स्वामी
ॐ जय जगदीश हरे
[Verse 5]
तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता, स्वामी तुम पालनकर्ता
मैं मूरख फलकामी, मैं सेवक तुम स्वामी, क्रिपा करो भर्ता
ॐ जय जगदीश हरे
[Verse 6]
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति, स्वामी सबके प्राणपति
किस बिधि मिलूँ दयामय, किस बिधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति
ॐ जय जगदीश हरे
[Verse 7]
दीन-बन्धु दुःख-हर्ता, ठाकुर तुम मेरे, स्वामी रक्षक तुम मेरे
अपने हाथ उठाओ, अपने शरण लगाओ, द्वार पड़ा तेरे
ॐ जय जगदीश हरे
[Verse 8]
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा, स्वामी पाप हरो देवा
श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा
ॐ जय जगदीश हरे
[Outro]
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे
ॐ जय जगदीश हरे