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Urban Soul Echoes
Acoustic

Urban Soul Echoes

KontalaKontala
0 likes1 plays5:03
Style: hip hop, 808 bass, hi-hats, synth, 90 bpm, bold, urban, intense, rhythmic, Heavy bass, Soulful vocals, Acoustic, Melodic, Melancholic, male vocal, bass, sad, romantic, peaceful
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Lyrics

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[Intro]

तू दूर सही... पर दिल के पास है,

तू नहीं यहाँ... फिर भी तेरा एहसास है...

[Chorus]

तेरी वफ़ा बस झूठ थी, ये दर्द मेरा सबूत है,

भरम के इन पर्दों में, घुटता मेरा वजूद है।

जल रही हैं ख़्वाहिशें, धुआँ-धुआँ हर साँस है,

राख हो चुका हूँ मैं, जलता तेरा एहसास है...

[Verse 1]

तेरी हर फ़रमाइश पूरी की, बस यही मेरी ख़्वाहिश थी,

सब छोड़ दिया तेरे वास्ते, जाने कैसी ये साज़िश थी।

बिना किसी नशे के भी, तू हर जगह अब दिखने लगी,

खाली कमरे की दीवारों पे, तेरी सूरत छपने लगी।

ना होठों पे कोई कश था, ना हाथ में कोई जाम था,

जहाँ भी देखूँ तू ही दिखी, हर तरफ़ तेरा ही नाम था।

साया बन के साथ चली, अकेलेपन की राहों में,

मैं हवा को गले लगाता रहा, तुझे सोच के अपनी बाहों में।

[Verse 2]

शराब उतरी गले से जब, लगा तू भी उतर जाएगी,

दो कश लगाऊँगा धुएँ के, तेरी याद बिखर जाएगी।

पर पीने के बाद तो देखो, क़िस्सा ही उल्टा हो गया,

दर्द मिटाने निकला था, तेरी याद में नशा फीका हो गया।

उसी भरम को सच मान के, तेरी यादों का सहारा लिया,

मैं सुकून ढूँढने निकला था, ज़ख़्मों को दोबारा हरा किया।

नशा आया था मरहम बन के, पर ज़ख़्म और गहरा कर दिया,

होश में सिर्फ़ एहसास था तेरा, नशे ने सामने खड़ा कर दिया।

[Chorus]

तेरी वफ़ा बस झूठ थी, ये दर्द मेरा सबूत है,

भरम के इन पर्दों में, घुटता मेरा वजूद है।

जल रही हैं ख़्वाहिशें, धुआँ-धुआँ हर साँस है,

राख हो चुका हूँ मैं, जलता तेरा एहसास है...

[Verse 3]

ख़तम हुआ सब फिर भी मैंने, इस रिश्ते के भरम संभाले हैं,

दुनिया पूछे वजह तो मैंने, तेरी ग़लतियों पे पर्दे डाले हैं।

सच रख दूँ अगर ज़माने में, तो लोग तुझी पर हँसेंगे,

"तू रानी बनने लायक़ ना थी," कह के तुझको ताने कसेंगे।

पर चुप हूँ मैं आज भी, मुझे इश्क़ की इज़्ज़त प्यारी है,

तूने छोड़ दिया मुझे धोखे में, पर मेरी वफ़ा अब भी जारी है।

सीने में दर्द दबा है बस, इन होठों पे कोई चीख़ नहीं,

तेरे राज़ छुपा के रखे हैं, यूँ तमाशा करना ठीक नहीं।

[Bridge]

कुछ बातें थी हमारी, जो दिल में ही दबी रह गई,

तू पास थी मेरे होके भी, एक दूरी सी बनी रह गई...

जो कुछ भी था अपने दरमियाँ, बस एहसास बन के रह गया,

जिसको एक नाम देना था, वो एक राज़ बन के रह गया...

[Verse 4]

मैं पागल एक धोखे को ही, अपनी पूरी दुनिया मान बैठा,

एक-तरफ़ा थे सारे जज़्बात, मैं दोनों तरफ़ का जान बैठा।

आँखें तो तब खुली मेरी, जब तूने अपने हाथ छुड़ा लिए,

"हम साथ नहीं रह सकते अब," कह के सारे रिश्ते मिटा दिए।

ख़ैर... ख़ुश रह तू अपनी दुनिया में, अब बस यही मेरी दुआ है,

तू मेरी थ

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