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Aarti Ka Swagat
Folk

Aarti Ka Swagat

DHEERAJ KASHYAPDHEERAJ KASHYAP
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Style: Spiritual welcome song
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Lyrics

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दिल से करते नमन आपका, वाणी से सत्कार,

दादी किशनी तपोभूमि में, स्वागत बारम्बार।

लखनऊ वाले लकी बहुत हैं, बाबा भी थे कहते,

राजभवन की पहली सेवा, भूल नहीं कोई सकते,

दादी किशनी, शती, भगवती और दादी गुलज़ार,

अद्भुत इनकी मिली पालना, अनुपम था वो प्यार।

दिल से करते नमन आपका, वाणी से सत्कार,

दादी किशनी तपोभूमि में, स्वागत बारम्बार।

दादी किशनी यदि होती तो, खुशियां खूब लुटातीं,

पा कर अपनी प्यारी बच्ची, फूली नहीं समाती,

दादी भी थीं प्रक्रिति की प्रेमी, गाँव से था अति प्यार,

दादी जैसे आप भी हो, और करती उन सा प्यार।

दिल से करते नमन आपका, वाणी से सत्कार,

दादी किशनी तपोभूमि में, स्वागत बारम्बार।

फलों के राजा आज द्रवित हैं, हर डाली यह कहती,

धन्य धन्य हो गए आज हम, पा कर आपकी शक्ती,

आकर मुझको भूल न जाना, देते रहना प्यार,

आप फरिश्ते हो उड़ आना, स्वागत है सत बार।

दिल से करते नमन आपका, वाणी से सत्कार,

दादी किशनी तपोभूमि में, स्वागत बारम्बार।

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