
Whispers In The Rain
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Lyrics
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हम्म… हम्म…
कुछ बातें रह गई हैं,
कुछ रातें ठहर गई हैं…
[Verse 1]
खिड़की पे बिखरी बारिश में,
एक चेहरा-सा नज़र आए,
मैं आँख चुरा लूँ ख़ुद से भी,
दिल फिर भी वहीं रह जाए।
जो लफ़्ज़ कभी कह पाए नहीं,
वो आज भी दिल में रहते हैं,
हम दूर हुए तो क्या हुआ,
कुछ रिश्ते दूर कहाँ होते हैं।
[Pre]
तुझको भुलाने निकला था,
ख़ुद से ही बिछड़ता गया,
जितना भी ख़ाली किया तुझे,
उतना तू अंदर बसता गया।
[Chorus]
तेरे बाद भी, तेरा असर है,
दिल मेरा जैसे तेरा ही घर है।
तू पास नहीं, फिर भी यहाँ है,
मेरी ख़ामोशी में तेरा सफ़र है।
तेरे बाद भी, मैं वहीं खड़ा हूँ,
जिस मोड़ पे तुझसे जुदा हुआ था,
तू लौट के आए, ज़रूरी नहीं,
दिल ने तुझे जाना कहाँ सीखा था।
[Verse 2]
अब शाम भी मुझसे पूछती है,
किस नाम पे आँखें रुकती हैं,
मैं हँस के बात बदल दूँ तो,
कुछ यादें फिर भी दिखती हैं।
तेरी वो आधी-सी बातें,
अब पूरी रात जगाती हैं,
जो ख़्वाब तेरे संग देखे थे,
वो नींद में मिलने आती हैं।
[Bridge]
शायद हमारा मिलना ही,
क़िस्मत में लिखा नहीं था,
पर तुझसे जो मैं बन पाया,
वो पहले कभी मैं था ही नहीं।
अब कोई शिकवा भी नहीं है,
न तुझसे कोई सवाल रहा,
बस दिल के किसी कोने में,
तेरा थोड़ा-सा ख़याल रहा।
[आख़िरी मुखड़ा — भावुक अंदाज़]
तेरे बाद भी, तेरा असर है,
दिल मेरा जैसे तेरा ही घर है।
तू पास नहीं, फिर भी यहाँ है,
मेरी ख़ामोशी में तेरा सफ़र है।
[Outro]
तू याद रहे… तो रहने दूँ,
कुछ दर्द हैं… जो सहने दूँ,
तू मेरा नहीं… ये मान लिया,
पर दिल को कैसे समझा दूँ…
हम्म… हम्म…
तेरे बाद भी…