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Peg Pe Peg Raat Jawan Hai
Indian Classical

Peg Pe Peg Raat Jawan Hai

Anil SharmaAnil Sharma
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Lyrics

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(हो...)

आज फिर महफ़िल सजी है

गिलास में पैग उतरा है

और दिल ने कहा है—

आज पैग खत्म मत होने देना

छन-छन पायल बोले

धिन-तक ढोलक बोले

रात अभी जवान है साक़ी

क्यों तू जाम को रोके

आज फिर उसकी याद आई

आज फिर आँख भर आई

हँसकर हमने दर्द छुपाया

फिर बोतल काम आई

पैग पे पैग, पैग पे पैग

आज दिल को रोक मत साक़ी

जाम में डूबा ये दिल मेरा

आज मुझे टोक मत साक़ी

(पैग पे पैग...)

महफ़िल रहने दे यूँ ही

खाना खत्म हो जाए चाहे

पैग खत्म मत होने देना जी

लोग कहें ये नशा बुरा है

हमने कहा ये दर्द की दवा है

जिसको अपना समझा था हमने

आज वही सबसे दूर खड़ा है

साक़ी धीरे जाम बढ़ा

दिल को थोड़ा और बहला

आज जो टूटा बैठा हूँ मैं

मुझको थोड़ा और संभाल

पैग पे पैग, पैग पे पैग

आज दिल को रोक मत साक़ी

जाम में डूबा ये दिल मेरा

आज मुझे टोक मत साक़ी

(पैग पे पैग...)

महफ़िल रहने दे यूँ ही

खाना खत्म हो जाए चाहे

पैग खत्म मत होने देना जी

एक तरफ़ है खाली गिलास

एक तरफ़ तेरी तस्वीर

दोनों को देख के समझ गया मैं

कितनी अजीब है तक़दीर

तू पास नहीं फिर भी याद तेरी पास है

मैं होश में रहूँ कैसे

जब दिल ही मेरे खिलाफ़ है

पैग पे पैग, पैग पे पैग

आज ना पूछ मेरा नाम

खाना खत्म हो जाए चाहे

चलता रहे अपना जाम

(पैग पे पैग...)

पैग पे पैग, पैग पे पैग

आज दिल को रोक मत साक़ी

जाम में डूबा ये दिल मेरा

पैग खत्म मत होने देना जी

(आह...)

साक़ी... एक आख़िरी जाम

(पैग पे पैग...)

पैग खत्म मत होने देना

(पैग पे पैग...)

आज पैग खत्म मत होने देना...

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