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Shadows Of The Void
Electronic

Shadows Of The Void

Sanjeev KumarSanjeev Kumar
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Style: Heavy bass, male vocal, drums, bass, synth, aggressive, sad
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Lyrics

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[Verse

संजीव तेवतिया को साहिबाबाद से जिताएँगे

एक दर्द भरा, दमदार जनभावना गीत

सुनो साहिबाबाद वालों…

ये कहानी किसी एक इंसान की नहीं…

ये कहानी है उस पिता की,

जो बच्चों के भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता है…

उस माँ की…

जो अपने बेटे को पढ़ाकर भी,

उसे बेरोज़गार देखकर आँसू छिपाती है…

उस दुकानदार की…

जो सुबह दुकान खोलता है,

मगर रात को घर का हिसाब लगाते हुए

अपनी परेशानियाँ छिपाता है…

कब बदलेगा हमारा साहिबाबाद?

कब सुनेगा कोई जनता की पुकार?

गलियों में सपने बिखरे हैं,

आँखों में सवाल हैं,

किसी के घर में दवा नहीं,

किसी पर कर्ज़ के जाल हैं।

पढ़-लिखकर भी युवा भटकता,

रोज़गार की राह में,

एक पिता अपना दर्द छिपाए,

अपने बच्चों की चाह में।

कौन सुनेगा इनकी पीड़ा,

कौन बनेगा सहारा?

किसके दर पर जाए जनता,

कौन सुनेगा दर्द हमारा?

साहिबाबाद की मिट्टी से,

एक नई आवाज़ उठाएँगे!

जनता के हर दर्द को लेकर,

हर दरवाज़े तक जाएँगे!

संजीव तेवतिया को साहिबाबाद से जिताएँगे!

सेवा और जवाबदेही की आवाज़ उठाएँगे!

टूटे सपनों को जोड़ेंगे,

उम्मीद के दीप जलाएँगे,

अपने साहिबाबाद के बेहतर कल का,

मिलकर सपना सजाएँगे!

छोटे दुकानदार की सुन लो,

उसका भी परिवार है,

मेहनत उसकी रोज़ की पूजा,

फिर भी मुश्किल संसार है।

बच्चों की शिक्षा सस्ती हो,

हर घर तक उपचार मिले,

युवाओं को अवसर मिलें,

हर मेहनतकश को सम्मान मिले।

सड़कें हों या रोज़गार के मुद्दे,

पानी हो या पढ़ाई,

जनता के सवालों पर हो,

खुलकर जवाबदेही की सुनवाई।

अब सिर्फ़ सपने नहीं सजाने!

अब हर मुद्दे पर बात उठानी है!

हर परिवार की पीड़ा सुननी,

हर मुश्किल को समझना है!

ये साहिबाबाद हमारा है,

इसको मिलकर सँवारेंगे!

नफ़रत नहीं, इंसानियत से,

एक-दूजे का साथ निभाएँगे!

संजीव तेवतिया!

साहिबाबाद की आवाज़!

जनता के मुद्दे, जनता के सपने,

यही हों अपने प्रयास!

संजीव तेवतिया को साहिबाबाद से जिताएँगे!

हर गली की आवाज़ को,

मिलकर आगे लाएँगे!

सेवा, सम्मान और एकता का,

संदेश घर-घर पहुँचाएँगे!

अपने साहिबाबाद के बेहतर कल पर,

मिलकर काम कर दिखाएँगे!

जीत का मतलब सिर्फ़ कुर्सी नहीं,

जनता का विश्वास होता है…

नेता वही जो जनता के दुख में,

उसके साथ खड़ा होता है…

किसी गरीब की आँख का आँसू,

किसी माँ की उम्मीद,

किसी युवा के सपनों की खातिर,

बननी चाहिए हमारी ज़िम्मेदारी…

साहिबाबाद! साहिबाबाद!

उम्मीदों का नाम है!

जनता की सेवा, जनता का सम्मान,

यही हमारा पैगाम है!

संजीव तेवतिया को साहिबाबाद से जिताएँगे!

जनता के मुद्दों को आगे लाएँगे!

मेहनत, सेवा और विश्वास से,

बेहतर कल बनाएँगे!

हमारा साहिबाबाद…

हमारी ज़िम्मेदारी…

जनता की आवाज़…

और बेहतर कल की तैयारी…

संजीव तेवतिया — साहिबाबाद के बेहतर भविष्य की उम्मीद।

Ye pura song banao

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