
Sanskrit Serenity Chant
PRO & Creator Features
Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Photo Covers, LoRA) or Creator (Voice Clone, Variations, Edit Sections, Stem Separation).
Audio2Audio Remix
Pro & Creator
Voice Clone
Creator
Create Variations
Creator only
Edit Sections
Creator only
Stem Separation
Creator only
Lyrics
▶ Play this song to follow along.
चन्द्रम हिरान्मयी लक्ष्मी जातवेदो म आवह ||
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम |
यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषान्ह्म ||
अश्वपुर्वाम रथमाध्यम हस्तिनदप्रबोधिनीम |
श्रियं देवीमुपहव्ये श्रीर्मादेव जुषताम ||
कांसोस्मितं हिरण्यप्रकारां आद्रं |
ज्वलन्ती त्रिप्तां तर्पयंतिम ||
पध्मेस्थितम पध्मवर्णं |
तामिहोपह्वायेश्रियं ||
चन्द्रां प्रभासम यशसा ज्वलंतिम
श्रियं लोके देव जुष्टामुदाराम |
तां पध्मिनीमीम शरणमहं
प्रपद्ये अलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वां व्रिणे ||
आदित्यवर्णे तपसोअधिजातो
वनस्पतिस्तवव्रिक्षोथ बिल्वः |
तस्य फलानी तपसानुदंतु
मायान्तरयाशच बाह्या अलक्ष्मी :||
उपैतु मां देवसख : कीर्तिश्चामणिना सह |
प्रादुर्भूतो सुराष्ट्रेस्मिन कीर्तिम्रिद्धिम ददातु में ||
क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठां अलक्ष्मी नाशयाम्यहम |
अभूतिमसम्रिद्धिम च सर्वानिर्णुद में ग्रिहात ||
गंधद्वारं दुराधर्षाम नित्य पुष्टं करीशिनिम |
इश्वरिम सर्वभूतानाम तामिहोपह्व्ये श्रियं ||
मनस : काममाकुतिम वाच: सत्याम्शीमही |
पाशुनाम रूपमन्यास्य मयि श्री : श्रयतां यश :||
कर्दमेन प्रजाभूता मयि संभव कर्दम |
श्रियं वासय में कुले मातरम् पध्ममालिनीम ||
आप: स्राजन्तु स्निग्धानी चिक्लित वस् में ग्रिहे |
नि च देवीम मातरम श्रियं वासय में कुले ||
आद्राम पुषकरिनीम पुष्टिम पिंगलाम पद्मामलिनिम |
चन्द्रां हिरान्यमायी लक्षमिम जातवेदो म आवह ||
अद्राम या : करिनिम यष्टिम सुवर्णं हेममालिनीम |
सुर्याम हिरणमयी लक्ष्मी जातवेदो म आवह ||
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम |
यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो
दास्योश्वान विन्देयं पुरुषानहम ||
या: शुची: प्रयतो भूत्वा जुहुयादाज्यमंवहम |
सूक्तं पंच्दर्शचंच श्रीकाम: सततं जपेत ||
पध्मानने पध्मउरु पध्माक्षी पध्मसंभवे |
तन्मे भजसि पध्माक्षी येन सौख्यं लभाम्यहम ||
अश्वदायै गोदायै धनदायै महाधने |
धनं में लाभतां देवी सर्वकामान्श्च देहि में ||
पुत्रपौत्रं धनंधान्यं हस्तयाशवादिगवेर्थम |
प्रजानाम भवसि माता अयुष्मनतम करोतु में ||
धनंअग्निर धनंवायुर धनंसूर्यो धनंवसु |
धनमिन्द्रो ब्रहास्पतिर्वरुनम धनमस्तु में ||
वैनतेय सोमं पिब सोमं पिबतु व्रित्रहा |
सोमं धनस्य सोमिनो मह्यं ददातु सोमिनः ||
न क्रोधो न च मात्सर्यं न लोभो नशुभामती |
भवन्ति क्रित्पुन्यानाम भक्तानाम श्री सूक्तं जपेत सदा ||
वर्शन्तु ते विभावरी दिवो अभ्रस्य विदयुत:|
रोहंतु सर्व बीज्यान्य व ब्रम्हद्विषोजही ||
पध्मप्रिये पधमिनी पध्महस्ते पध्ममालये