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Echoes of Serenity
Soul

Echoes of Serenity

Priyank ShahPriyank Shah
0 likes1 plays5:26
Style: Soulful vocals, male vocal, flute, drums, synth, bass, peaceful, epic
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Lyrics

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[Verse]

श्री गुरु चरण सरोज राज,

निज मन मुकुर सुधारी,

बरनौ रघुवर बिमल जसु,

जो दायक फल चारी।

बुद्धिहीन तनु जानिके,

सुमिरौ पवन कुमार,

बल बुद्धि विद्या देहु मोहि,

हरहु कलेश विकार।

[Verse]

1. जय हनुमान ज्ञान गुन सागर,

जय कपीस तिहुन लोक उजागर।

2. राम दूत अतुलित बल धामा,

अंजनि पुत्र पवन सुत नामा।

3. महावीर विक्रम बजरंगी,

कुमति निवार सुमति के संगी।

4. कंचन बरन बिराज सुबेसा,

कानन कुंडल कुंचित केसा।

5. हाथ वज्र औ ध्वजा बिराजै,

काँधे मूँज जनेउ साजै।

6. शंकर सुवन केसरी नंदन,

तेज प्रताप महा जग वंदन।

7. विद्यावान गुनी अति चतुर,

राम काज करिबे को आतुर।

8. प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया,

राम लखन सीता मन बसिया।

9. सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा,

विकट रूप धरि लंक जरावा।

10. भीम रूप धरि असुर संहारे,

रामचंद्र के काज संवारे।

11. लाये सजीवन लखन जियाये,

श्री रघुवीर हरषि उर लाये।

12. रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई,

तुम मम प्रिय भरत-हि सम भाई।

13. सहस बदन तुम्हारो जस गावे,

अस कहि श्रीपति कंठ लगावे।

14. संकदिक ब्रह्मादि मुनीसा,

नारद सारद सहित अहीसा।

15. यम कुबेर दिग्पाल जहाँ ते,

कवि कोविद कहि सके कहाँ ते।

16. तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा,

राम मिलाये राजपद दीन्हा।

17. तुम्हारो मंत्र विभीषण माना,

लंकेश्वर भये सब जग जाना।

18. युग सहस्र योजन पर भानु,

लील्यो ताहि मधुर फल जानु।

19. प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही,

जलधि लाँघि गये अचरज नाही।

20. दुर्गम काज जगत के जेते,

सुगम अनुग्रह तुम्हारे तेते।

21. राम दुआरे तुम रखवारे,

होत न आज्ञा बिनु पैसारे।

22. सब सुख लहै तुम्हारी सरना,

तुम रक्षक काहू को डरना।

23. आपन तेज सम्हारो आपै,

तीनों लोक हाँक ते काँपै।

24. भूत पिसाच निकट नहिं आवै,

महावीर जब नाम सुनावै।

25. नासै रोग हरै सब पीरा,

जपत निरंतर हनुमत बीरा।

26. संकट ते हनुमान छुड़ावै,

मन क्रम वचन ध्यान जो लावै।

27. सब पर राम तपस्वी राजा,

तिन के काज सकल तुम साजा।

28. और मनोरथ जो कोई लावै,

सोइ अमित जीवन फल पावै।

29. चारों युग परताप तुम्हारा,

है परसिद्ध जगत उजियारा।

30. साधु संत के तुम रखवारे,

असुर निकंदन राम दुलारे।

31. अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता,

अस वर दीन जानकी माता।

32. राम रसायन तुम्हारे पासा,

सदा रहो रघुपति के दासा।

33. तुम्हारे भजन राम को पावै,

जनम जनम के दुख बिसरावै।

34. अंत काल रघुबर पुर जाई,

जहाँ जनम हरि-भक्त कहाई।

35. और देवता चित्त न धरई,

हनुमत सेइ सर्व सुख करई।

36. संकट कटे मिटे सब पीरा,

जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।

37. जय जय जय हनुमान गोसाईं,

कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।

38. जो सत बार पाठ कर कोई,

छूटहि बंदि महा सुख होई।

39. जो यह पढ़े ह

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