Back to home
Midnight Reverie
Acoustic

Midnight Reverie

L
Londa
0 likes1 plays4:26
Style: piano, sad, guitar
Learn to sing thisKaraoke with live pitch — get a score on every lineSing →

PRO & Creator Features

Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Voice Clone, Photo Covers, LoRA) or Creator (Variations, Edit Sections, Stem Separation).

Audio2Audio Remix

Pro & Creator

Voice Clone

Pro & Creator

Create Variations

Creator only

Edit Sections

Creator only

Stem Separation

Creator only

Lyrics

▶ Play this song to follow along.

सुबह की धूप में एक नया सा ख्वाब है,

खिड़की से झांकती हवाओं में जवाब है।

दिल ने उठाई है एक नई सी धुन यहाँ,

चल पड़े हैं पाँव अब, सोचना ही क्या भला।

खो गए हैं जो पीछे, उन पन्नों को छोड़ दें,

चलो आज ज़िंदगी का रुख ज़रा सा मोड़ दें।

[Chorus]

राहें कहती हैं चलते चलो,

धूप हो या छांव, बस बढ़ते चलो।

सफ़र खूबसूरत है मंज़िल से भी,

दिल में उम्मीदों के दिए जलाते चलो।

राहें कहती हैं... हाँ चलते चलो।

[Verse 2]

कांच की इमारतों में ख्वाहिशें सजी तो हैं,

पर परिंदों को खुला आसमान ही भाए।

भीड़ में इस शहर की खो न जाए सादगी,

ढूंढ लें वो कोना जहाँ सुकून लौट आए।

मुस्कुरा के झेल लें हर छोटी-बड़ी मुश्किल,

हँसते-हँसते ही तो पास आएगी वो मंज़िल।

[Chorus]

राहें कहती हैं चलते चलो,

धूप हो या छांव, बस बढ़ते चलो।

सफ़र खूबसूरत है मंज़िल से भी,

दिल में उम्मीदों के दिए जलाते चलो।

[Bridge]

(म्यूजिक थोड़ा धीमा और गहरा होता है)

ठहरना तो मौत है, रवानी का नाम ज़िंदगी,

उतार-चढ़ाव ही तो सिखाते हैं बंदगी।

कल की फिक्र छोड़ के, आज में हम जी लें,

आँखों में जो सपने हैं, हौसलों से सी लें।

[Chorus]

(पूरी एनर्जी और ड्रम्स के साथ)

राहें कहती हैं चलते चलो,

धूप हो या छांव, बस बढ़ते चलो।

सफ़र खूबसूरत है मंज़िल से भी,

दिल में उम्मीदों के दिए जलाते चलो।

Comments(0)

Sign in to join the conversation.

No comments yet. Be the first to comment!