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Jab Kiya Jaye
Folk

Jab Kiya Jaye

MD SHADAB ANSARIMD SHADAB ANSARI
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Style: Hindi revolutionary protest song, Indian जनआंदोलन anthem, powerful collective male chorus, forceful slogan chanting, raw earthy vocals, rhythmic marching beat, deep dhol percussion, repetitive chant hook, intense street movement atmosphere, dramatic pauses, rising crowd energy, gritty and defiant mood, simple memorable melody, mass protest rally sound, Hindi lyrics
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Lyrics

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बिहार का सैलाब — रोज़गार दो, पलायन रोको!

[Intro]

अगर हक़ माँगना बग़ावत है,

तो हाँ, हम बाग़ी हैं!

अगर रोज़गार माँगना सवाल है,

तो सुन लो—ये बिहार की आवाज़ है!

ये कोई भीड़ नहीं,

ये बिहार का सैलाब है!

ये उन माँओं की पुकार है,

जिनके बेटे घर से दूर हैं।

ये उन मज़दूरों का दर्द है,

जो परिवार के लिए परदेस में मेहनत करते हैं।

[Chorus]

सीने में आग है, आँखों में ख़्वाब है,

बिहार के हर नौजवान का यही सवाल है।

अपने ही घर में रोज़गार क्यों नहीं?

अपनी ही धरती पर अवसर क्यों नहीं?

रोक सको तो अब रोक के दिखाओ तुम,

हम कोई कतरा नहीं, हम तो सैलाब हैं!

हमें भी अपने बिहार में जीने का हक़ दो,

हमारे हाथों को काम और मेहनत का दाम दो!

रोज़गार दो! रोज़गार दो!

बिहार के युवाओं को रोज़गार दो!

पलायन की मजबूरी कम करो,

बिहार में काम के अवसर बढ़ाओ!

[Verse 1]

सुबह हुई, सूरज निकला,

गाँव का आँगन उदास था।

एक नौजवान झोला बाँध रहा था,

आँखों में सपना, दिल में दर्द था।

माँ ने रोटी बाँधी, बाप ने पैसे दिए,

बहन ने चुपचाप आँसू पी लिए।

माँ बोली, बेटा जल्दी लौट आना,

अपना ख़याल रखना, समय पर खाना।

ट्रेन चली तो गाँव पीछे छूटा,

बचपन का आँगन पीछे छूटा।

रोज़ी की ख़ातिर परदेस चला,

अपनों से दूर, मजबूर चला।

जिस मिट्टी में बचपन बिताया,

उसी मिट्टी में काम क्यों न पाया?

ऐ सरकार, कभी उस स्टेशन पर आना,

इन आँखों में छिपे सवाल पढ़ जाना।

[Chorus]

बिहार पूछ रहा है!

बिहार पूछ रहा है!

मेरे बच्चों का भविष्य कहाँ है?

मेरे युवाओं का रोज़गार कहाँ है?

रोज़गार दो! रोज़गार दो!

बिहार के युवाओं को रोज़गार दो!

हम कोई कतरा नहीं,

हम तो सैलाब हैं!

[Verse 2]

मैं बिहार का नौजवान हूँ,

मेहनत मेरी पहचान है।

किताबों में सपने सजाए हैं,

आँखों में नया आसमान है।

कभी परीक्षा का इंतज़ार,

कभी परिणाम का सवाल।

कभी भर्ती की राह देखूँ,

कभी घर का ख़र्च बेहाल।

हर युवा सरकारी नौकरी ही नहीं चाहता,

हर सपना एक जैसा नहीं होता।

कोई कारीगर, कोई दुकानदार,

कोई किसान, कोई उद्यमी बनना चाहता।

हमें हुनर सीखने का रास्ता दो,

काम खोजने का अवसर दो।

छोटे कारोबार को सहारा मिले,

मेहनत करने वाले को सम्मान मिले।

भर्ती समय पर हो, प्रक्रिया साफ़ हो,

योग्य उम्मीदवार के साथ इंसाफ़ हो।

खाली पदों का हिसाब बताओ,

युवाओं को भरोसेमंद जवाब दिलाओ!

[Chorus]

बिहार पूछ रहा है!

बिहार पूछ रहा है!

मेरे बच्चों का भविष्य कहाँ है?

मेरे युवाओं का रोज़गार कहाँ है?

रोज़गार दो! रोज़गार दो!

बिहार के युवाओं को रोज़गार दो!

हम कोई कतरा नहीं,

हम तो सैलाब हैं!

सीने में आग है, आँखों में ख़्वाब है,

बिहार के हर नौजवान का यही सवाल है।

अपने ही घर मे�

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