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Shadows of the Beloved
Traditional

Shadows of the Beloved

S
SYED OWAIS
0 likes1 plays4:13
Style: male vocal ,islamic naat, sad
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Lyrics

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[Chorus]

मेरी आँखों में आँसू हैं, दिल में उनकी उल्फ़त है,

नबी के दर पे जाने की, तड़पती एक हसरत है।

मदीने की तरफ़ चलने का मुझको हुक्म मिल जाए,

मेरा हर ग़म मिटा दे जो, वो उनके दर की मिट्टी है।

[Verse 1]

ज़ुबान पर ज़िक्र उनका है, दिलों पर उनकी शफ़क़त है,

ख़ुदा के बाद दुनिया में उन्हीं की सबसे अज़मत है।

वो दुश्मन को भी देते हैं दुआएँ अपनी राहों में,

उन्हीं के दम से दुनिया में ये इंसानियत की रौनक़ है।

सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम,

सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम।

[Verse 2]

ज़माने के सताए हैं, बहुत मजबूर हैं आका,

हमें ग़म ने घेरा है, बहुत रोते हैं हम आका।

सुनो फ़रियाद इस दिल की, जो तौफ़ीक़-ए-ख़ुदा से हो,

आपके दर की मिट्टी से मिले हर दर्द को राहत।

[Verse 3]

ख़ुदा से इल्तिजा है ये, दिखा दे सब्ज़ गुम्बद अब,

ख़ाक-ए-पाए-मुस्तफ़ा को चूमने की सआदत दे।

ख़्वाबों में ही सही, इक बार दीदार-ए-नबी हो जाए,

बड़ी ही बे-क़रारी है, दुखों की अब ये साअत है।

[Verse 4]

इलाही! हुक्म से तेरे, शफ़ाअत उनकी मिल जाए,

आख़िरत के मैदान में, उनका साया मिल जाए।

पढ़ते हैं दुरूद उन पर, सलामत उनकी सुन्नत हो,

गुनहगारों के हक़ में बस, दुआ उनकी रहमत है।

[अंतिम दुआ]

या रब्ब! मुझे अपने महबूब की चौखट दिखा देना,

उनके क़दमों की मिट्टी को मेरी आँखों में लगा देना।

तड़पते इस दिल को अब मदीने में सुला देना,

दुरूद-ओ-सलाम के साए में, ये ज़िंदगी मिटा देना।

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