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Split The Dark
High Energy

Split The Dark

R
Ravi
0 likes1 plays2:28
Style: drum and bass, breakbeat, bass, synth, 174 bpm, energetic, intense, rolling, Heavy bass, female vocal, male vocal
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Lyrics

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रूहट्टा गली की महारानी माँ काली

स्पेशल दुर्गा पूजा कव्वाली | सुल्तानपुर

[Intro]

[मंदिर की घंटियाँ, शंख, हारमोनियम और पीछे धीमी भीड़ की आवाज़]

उद्घोषक — गंभीर, दमदार आवाज़ में:

जय माता दी…! जय माँ काली…!

सुल्तानपुर की पावन धरती पर,

दुर्गा पूजा के इस पावन अवसर पर,

आप सभी भक्तों का हार्दिक स्वागत है!

रूहट्टा गली की पावन धरती पर

माँ काली हर वर्ष विराजमान होती हैं।

सन् उन्नीस सौ इकसठ  से चली आ रही

यह आस्था, श्रद्धा और भक्ति की परंपरा

आज भी पूरे उत्साह के साथ जारी है!

रूहट्टा गली की काली माता पूजा समिति

आप सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन करती है।

आप सभी से विनम्र निवेदन है कि

मेले में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखें,

एक-दूसरे का सहयोग करें

और माँ के दर्शन श्रद्धा एवं प्रेम से करें।

और भक्ति के इस पावन सफर में

ट्रिपल ए भक्ति चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें!

बोलिए, प्रेम से…

जय माता दी!

जय माँ काली!

जय महाकाली!

[Chorus]

जय! जय! जय माँ काली!

जय! जय! महाकाली!

[मंत्र जाप — गंभीर सामूहिक स्वर]

ॐ क्रीं कालिकायै नमः।

ॐ क्रीं कालिकायै नमः।

ॐ क्रीं कालिकायै नमः।

ॐ क्रीं कालिकायै नमः।

जय माँ काली! जय महाकाली!

[Chorus]

[हारमोनियम, ढोलक, हाथ की तालियाँ और नगाड़े]

सुल्तानपुर के रूहट्टा गली वाली,

माँ काली तू सबसे निराली।

हर दुर्गा पूजा में दरबार सजाए,

अपने भक्तों को दर्शन दिखाए।

लाल चुनरिया, लाल गुलाल,

तेरा रूप है सबसे कमाल।

तेरे दर पर शीश झुकाएँ,

माँ तेरी महिमा मिलकर गाएँ!

[Chorus]

जय जय काली! जय महाकाली!

रूहट्टा गली की शान निराली!

जय जय काली! जय महाकाली!

भक्तों की तू रखवाली!

[Verse 1]

जब-जब माँ का दरबार सजता,

भक्तों का दिल श्रद्धा से भरता।

घंटा बजे और शंख पुकारे,

जय माँ काली बोलें सारे!

लाल फूलों से तुझे सजाएँ,

दीप जलाकर शीश झुकाएँ।

तेरी चौखट सबसे प्यारी,

तू ही माँ है जग की महतारी!

रूहट्टा गली में धूम मची है,

माँ के भक्तों में खुशी बसी है।

गली-गली में एक ही नारा,

जय माँ काली, नाम तुम्हारा!

[Chorus]

जय जय काली! जय महाकाली!

रूहट्टा गली की शान निराली!

जय जय काली! जय महाकाली!

सुल्तानपुर की शान निराली!

[मंत्र — हारमोनियम और मंदिर की घंटियाँ]

ॐ जयंती मंगला काली,

भद्रकाली कपालिनी।

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री,

स्वाहा स्वधा नमोस्तुते॥

[जवाबी कव्वाली — सवाल और जवाब]

[मुख्य आवाज़:]

बोलो भक्तों, किसका दरबार?

[Chorus]

माँ काली का दरबार!

[मुख्य आवाज़:]

रूहट्टा गली की क्या पहचान?

[Chorus]

माँ काली हमारी शान!

[मुख्य आवाज़:]

किसकी गूँजे जय-जयकार?

[Chorus]

जय महाकाली बारंबार!

[मुख्य आवाज़:]

दोनों हाथ उठाकर बोलो!

[Chorus]

जय माँ काली! जय माँ काली!

जय माता दी! जय महाकाली!

[Verse 2]

सन् उन्नीस स�

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