![[Intro – Whispered Prayer, Soft Bansuri and Piano]
हे मालिक… मेरे मालिक…
तेरी महिमा अपरंपार…
तेरे चरणों में मेरा नमन,
तेरा अनंत शुक्राना…
[Verse 1 – Soft, Soulful Voice]
तेरी रचना कितनी सुंदर,
तेरा जग संसार।
कण-कण में तेरी ही झलक है,
महिमा तेरी अपरंपार।
तेरी दया से दिन है रोशन,
तेरी मेहर से रात।
तू ही मेरे हृदय में बसता,
तू ही मेरे साथ।
[Chorus – Sweet, Flowing, Memorable Melody]
मालिक… ओ मालिक…
तेरा शुक्राना…
तेरी महिमा गाऊँ मैं,
तेरा गुणगान सुनाऊँ मैं।
मालिक… ओ मालिक…
तेरी दया, तेरी मेहर…
झुका रहे ये शीश मेरा,
तेरा शुक्राना उम्र भर।
[Verse 2 – Deeply Humble Prayer]
तेरी शक्ति का अंत न जानूँ,
तेरी महिमा अगम अपार।
मैं तो एक छोटा-सा सेवक,
तू सबका पालनहार।
न धन माँगूँ, न मान माँगूँ,
न कोई ऊँचा स्थान।
बस इतना वरदान दे मालिक,
विनम्र रहे मेरा मन।
[Chorus – Gentle Strings and Subtle Choir]
मालिक… ओ मालिक…
तेरा शुक्राना…
तेरी दया, तेरी मेहर,
तेरा प्रेम ख़ज़ाना।
मालिक… ओ मालिक…
तू ही मेरा आधार…
तेरे चरणों में अर्पित जीवन,
तेरा शुक्राना बारंबार।
[Outro – Barely Whispered, Flute Fading Slowly]
तेरी महिमा… अपरंपार…
तेरी दया… तेरी मेहर…
हे मालिक…
तेरा शुक्राना…
अनंत… अनंत…
शुक्राना… 🙏](https://gitam-music.2053726d00ffa5d6b03fcc9ab6118896.r2.cloudflarestorage.com/103e8fac-4239-4fe6-a2eb-0b0e6c11cd53.png?X-Amz-Algorithm=AWS4-HMAC-SHA256&X-Amz-Content-Sha256=UNSIGNED-PAYLOAD&X-Amz-Credential=22bddd595a63448bd3f57abdcaf18051%2F20261020%2Fauto%2Fs3%2Faws4_request&X-Amz-Date=20261020T170654Z&X-Amz-Expires=86400&X-Amz-Signature=097ed689ba63ca749a00a2a9b6b928bc7dc3c142f120b816dd31241100eadbd7&X-Amz-SignedHeaders=host&x-amz-checksum-mode=ENABLED&x-id=GetObject)
[Intro – Whispered Prayer, Soft Bansuri and Piano] हे मालिक… मेरे मालिक… तेरी महिमा अपरंपार… तेरे चरणों में मेरा नमन, तेरा अनंत शुक्राना… [Verse 1 – Soft, Soulful Voice] तेरी रचना कितनी सुंदर, तेरा जग संसार। कण-कण में तेरी ही झलक है, महिमा तेरी अपरंपार। तेरी दया से दिन है रोशन, तेरी मेहर से रात। तू ही मेरे हृदय में बसता, तू ही मेरे साथ। [Chorus – Sweet, Flowing, Memorable Melody] मालिक… ओ मालिक… तेरा शुक्राना… तेरी महिमा गाऊँ मैं, तेरा गुणगान सुनाऊँ मैं। मालिक… ओ मालिक… तेरी दया, तेरी मेहर… झुका रहे ये शीश मेरा, तेरा शुक्राना उम्र भर। [Verse 2 – Deeply Humble Prayer] तेरी शक्ति का अंत न जानूँ, तेरी महिमा अगम अपार। मैं तो एक छोटा-सा सेवक, तू सबका पालनहार। न धन माँगूँ, न मान माँगूँ, न कोई ऊँचा स्थान। बस इतना वरदान दे मालिक, विनम्र रहे मेरा मन। [Chorus – Gentle Strings and Subtle Choir] मालिक… ओ मालिक… तेरा शुक्राना… तेरी दया, तेरी मेहर, तेरा प्रेम ख़ज़ाना। मालिक… ओ मालिक… तू ही मेरा आधार… तेरे चरणों में अर्पित जीवन, तेरा शुक्राना बारंबार। [Outro – Barely Whispered, Flute Fading Slowly] तेरी महिमा… अपरंपार… तेरी दया… तेरी मेहर… हे मालिक… तेरा शुक्राना… अनंत… अनंत… शुक्राना… 🙏
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(हो...)
हे मालिक, मेरे मालिक
तेरी महिमा अपरंपार
तेरी रचना कितनी सुंदर
तेरा जग संसार
कण-कण में तेरी झलक है
महिमा तेरी अपरंपार
तेरी दया से दिन है रोशन
तेरी मेहर से रात
तू ही मेरे ह्रिदय में बसता
तू ही मेरे साथ
मालिक... ओ मालिक...
तेरा शुक्राना
तेरी महिमा गाऊँ मैं
तेरा गुणगान सुनाऊँ मैं
(शुक्राना... शुक्राना...)
मालिक... ओ मालिक...
तेरी दया, तेरी मेहर
झुका रहे ये शीश मेरा
तेरा शुक्राना उम्र भर
(उम्र भर...)
तेरी शक्ति का अंत न जानूँ
तेरी महिमा अगम अपार
मैं तो एक छोटा-सा सेवक
तू सबका पालनहार
न धन माँगूँ, न मान माँगूँ
न कोई ऊँचा स्थान
बस इतना वरदान दे मालिक
विनम्र रहे मेरा मन
मालिक... ओ मालिक...
तेरा शुक्राना
तेरी दया, तेरी मेहर
तेरा प्रेम ख़ज़ाना
(ख़ज़ाना...)
मालिक... ओ मालिक...
तू ही मेरा आधार
तेरे चरणों में अर्पित जीवन
तेरा शुक्राना बारंबार
जन्म-जन्म तक गाऊँ तेरी महिमा
हर साँस में तेरा ही नाम
(तेरा नाम... तेरा नाम...)
मालिक... ओ मालिक...
तेरा शुक्राना
तेरी महिमा गाऊँ मैं
तेरा गुणगान सुनाऊँ मैं
(शुक्राना... शुक्राना...)
मालिक... ओ मालिक...
तेरी दया, तेरी मेहर
झुका रहे ये शीश मेरा
तेरा शुक्राना उम्र भर
(हो...)
तेरी महिमा... अपरंपार...
तेरी दया... तेरी मेहर...
हे मालिक... तेरा शुक्राना...
अनंत... अनंत... शुक्राना...