
Morning Light on Water
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Lyrics
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[दोहा 1]
श्रीगुरु चरण सरोज रज।
निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनौं रघुबर बिमल जसु।
जो दायकु फल चारि।
[दोहा 2]
बुद्धिहीन तनु जानिके।
सुमिरौं पवनकुमार।
बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं।
हरहु कलेस बिकार।
चौपाइ (1 से 40)
[चौपाई 1]
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।
[चौपाई 2]
राम दूत अतुलित बल धामा।
अंजनिपुत्र पवनसुत नामा।
[चौपाई 3]
महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।
[चौपाई 4]
कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा।
[चौपाई 5]
हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
कांधे मूंज जनेऊ साजै।
[चौपाई 6]
संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बंदन।
[चौपाई 7]
विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।
[चौपाई 8]
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।
[चौपाई 9]
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा।
[चौपाई 10]
भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।
[चौपाई 11]
लाय सजीवन लखन जियाए।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाए।
[चौपाई 12]
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।
[चौपाई 13]
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।
[चौपाई 14]
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।
[चौपाई 15]
जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कबि कोबिद कहि सके कहां ते।
[चौपाई 16]
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाया राज पद दीन्हा।
[चौपाई 17]
तुम्हरो मंत्र विभीषण माना।
लंकेश्वर भए सब जग जाना।
[चौपाई 18]
जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।
[चौपाई 19]
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गए अचरज नाहीं।
[चौपाई 20]
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।
[चौपाई 21]
राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।
[चौपाई 22]
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रच्छक काहू को डर ना।
[चौपाई 23]
आपन तेज संहारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।
[चौपाई 24]
भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।
[चौपाई 25]
नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।
[चौपाई 26]
संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।
[चौपाई 27]
सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।
[चौपाई 28]
और मनोरथ जो कोई लावै।
सोई अमित जीवन फल पावै।
[चौपाई 29]
चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।
[चौपाई 30]
साधु संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।
[चौपाई 31]
अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।
[चौपाई 32]
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दा�