
Dil Ka Sannata
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एक बच्चे के हथेली से बना संसार था
रेत का घर था मगर उसमें बड़ा विस्तार था
एक बच्चे के हथेली से बना संसार था
रेत का घर था मगर उसमें बड़ा विस्तार था
एक बच्चे के हथेली से बना संसार था
रेत का घर था मगर उसमें बड़ा विस्तार था
बोतलों में प्यास भर कर रख दिया व्यापारी ने
शहर के नदियों को ख़ुद जिसने किया बीमार था
बोतलों में प्यास भर कर रख दिया व्यापारी ने
शहर के नदियों को ख़ुद जिसने किया बीमार था
शहर के नदियों को ख़ुद जिसने किया बीमार था
शहर भर में बिक रही थी धूप तक महँगी बहुत
कल तलक जिस छाँव पर तो सबका ही अधिकार था
बोतलों में प्यास भर कर रख दिया व्यापारी ने
शहर के नदियों को ख़ुद जिसने किया बीमार था
शहर के नदियों को ख़ुद जिसने किया बीमार था
शहर भर में बिक रही थी धूप तक महँगी बहुत
कल तलक जिस छाँव पर तो सबका ही अधिकार था
कल तलक जिस छाँव पर तो सबका ही अधिकार था
जिस नदी में खेलते थे बच्चे, सूखी हो गई
उस नदी के नाम पर अब एक कारोबार था
जिस नदी में खेलते थे बच्चे, सूखी हो गई
उस नदी के नाम पर अब एक कारोबार था
उस नदी के नाम पर अब एक कारोबार था
एक ही छत के तले सब साथ रहते थे मगर
हर किसी के बीच अपना एक अलग संसार था
जिस नदी में खेलते थे बच्चे, सूखी हो गई
उस नदी के नाम पर अब एक कारोबार था
उस नदी के नाम पर अब एक कारोबार था
एक ही छत के तले सब साथ रहते थे मगर
हर किसी के बीच अपना एक अलग संसार था
हर किसी के बीच अपना एक अलग संसार था
जिसको समझा था फ़क़त अपना, वही निकला अलग
घर के कमरों को यहां बस आइनों से प्यार था
घर के कमरों को यहां बस आइनों से प्यार था
हमने दरवाज़े तो सारे बंद कर के रक्खे थे
ख़ुशबुओं का फिर भी घर में मेरे कारोबार था
ख़ुशबुओं का फिर भी घर में मेरे कारोबार था
शाख़ फल से झुक गई, हम समझे थे वो डर गई
असलियत में उसका झुकना उसका तो किरदार था
असलियत में उसका झुकना उसका तो किरदार था
दुनिया दीपक के उजाले से यहां तक आई है
कौन कहता है कि जलने का हुनर बेकार था
कौन कहता है कि जलने का हुनर बेकार था
एक बच्चे के हथेली से बना संसार था
रेत का घर था मगर उसमें बड़ा विस्तार था
रेत का घर था मगर उसमें बड़ा विस्तार था