
Mahakaal Ka Darbaar
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[Intro]
जय श्री राम!
रात है गहरी, रणभूमि में सन्नाटा,
हर तरफ़ धूल, आसमान भी घबराया।
रघुकुल के वीर पर संकट की घड़ी,
अब देखेगी दुनिया बजरंग की घड़ी!
ना रुकेंगे कदम, ना झुकेगा ईमान,
राम का है नाम, और सीने में तूफ़ान!
[Verse 1]
रणभूमि में गूँजी थी शस्त्रों की टंकार,
लक्ष्मण जी घायल, छाया था अंधकार।
राम की आँखों में चिंता हज़ार,
भाई के बिना सूना लगे संसार।
वैद्य ने कहा, “अब देर नहीं करनी,
सूरज निकलने से पहले बूटी है लानी!”
सबकी नज़रें थीं एक ही नाम पर,
पवनपुत्र खड़े थे श्रीराम के सामने।
बोले बजरंगी, “प्रभु, चिंता न करना,
सेवा में आपकी पीछे नहीं हटना!
पर्वत हो ऊँचा या मुश्किल हो राह,
राम-काज के आगे झुके ना निगाह!”
[Chorus]
संजीवनी! संजीवनी! गूँजे आसमान,
जय बजरंगी! जय हनुमान!
राम का भरोसा, सीने में आग,
पवन की रफ़्तार, ना कोई विराम!
उठा के पर्वत, चले वीर महान,
हर साँस में राम, हर धड़कन में राम!
संकट को हरने आया हनुमान,
जय श्री राम! जय हनुमान!
[Verse 2]
हिमालय की राह, काली थी रात,
बादलों से लड़ते, बिजली थी साथ।
नीचे थे जंगल, ऊपर था गगन,
राम-नाम की शक्ति, अटल था मन।
बूटी की पहचान थी मुश्किल बड़ी,
समय की सुई भी आगे थी बढ़ी।
सोचा ना पल भर, ना मानी हार,
पूरा पर्वत उठा लिया एक बार!
ये शक्ति नहीं केवल बाज़ुओं की,
ये भक्ति है अपने प्रभु के नाम की।
जब लक्ष्य हो सेवा, इरादा महान,
तो मुश्किल भी देती है रास्ता आसान!
[Chorus]
संजीवनी! संजीवनी! गूँजे आसमान,
जय बजरंगी! जय हनुमान!
राम का भरोसा, सीने में आग,
पवन की रफ़्तार, ना कोई विराम!
उठा के पर्वत, चले वीर महान,
हर साँस में राम, हर धड़कन में राम!
संकट को हरने आया हनुमान,
जय श्री राम! जय हनुमान!
[Verse 3]
वापस लौटे वीर, पर्वत था साथ,
उम्मीद की किरणें, मिटने लगी रात।
वैद्य ने बूटी से उपचार किया,
लक्ष्मण ने फिर से आँखें खोलीं।
राम के चेहरे पर लौटी मुस्कान,
भक्ति ने जीत लिया मुश्किल इम्तिहान।
ना ताज की चाह, ना सिंहासन का मान,
सेवा ही पहचान, यही हनुमान!
दुनिया को दे गए अमर संदेश,
सच्चे समर्पण में छिपा है विशेष।
जहाँ हो निराशा, वहाँ विश्वास जगा,
राम का नाम ले, आगे बढ़ता चला!
[Bridge]
जब-जब राहों में संकट आए,
राम का सेवक राह दिखाए।
भक्ति की शक्ति, साहस की उड़ान,
जय-जय श्री राम, जय हनुमान!
[Chorus]
संजीवनी! संजीवनी! गूँजे आसमान,
जय बजरंगी! जय हनुमान!
राम का भरोसा, सीने में आग,
पवन की रफ़्तार, ना कोई विराम!
उठा के पर्वत, चले वीर महान,
हर साँस में राम, हर धड़कन में राम!
संकट को हरने आया हनुमान,
जय श्री राम! जय हनुमान!
[Outro]
सेवा में शक्ति, भक्ति में जान,
जय श्री राम… जय हनुमान!