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Raging Stillness
Energetic

Raging Stillness

Raj KamalRaj Kamal
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Style: female vocal, aggressive, uplifting,dark, peaceful, Energetic, piano
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Lyrics

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राम की मर्यादा से शुरू, ये कोई साधारण बात नहीं,

एक जीवन का सबक़ है, कोई अफ़साना नहीं।

ताज सामने था, फिर भी त्याग चुन लिया,

पिता के वचन के लिए राजमहल छोड़ दिया।

ना सत्ता का लालच, ना सुखों का अभिमान,

चेहरे पर शांति, और अडिग था ईमान।

जिस उम्र में लोग अपने हक़ की बात करते हैं,

राम अपने कर्तव्य से इतिहास लिखते हैं।

क्या राजमहल की सुख-सुविधा में ही सच्ची शक्ति है,

या त्यागी मन के भीतर छिपी गहराई ही असली भक्ति है?

महल से वन तक का सफ़र, पैरों में छाले,

फिर भी मन में धैर्य, ना शिकवे, ना सवाल।

चौदह साल का वनवास, सुखों से दूरी,

फिर भी कर्तव्य के आगे ना आई मजबूरी।

सीता संग वन में, हर दिन एक इम्तिहान,

लक्ष्मण साथ खड़े, तीनों का अटूट विश्वास।

अपनों से बिछड़ना, विरह का वो दर्द,

फिर भी धर्म के रास्ते पर रहे अडिग मर्द।

ना सोने का महल ही महानता की पहचान,

ना ऊँची कुर्सी से मिलता है सम्मान।

शबरी के बेरों में प्रेम का मान देखा,

केवट के समर्पण में सेवा का ग्यान देखा।

हनुमान को सम्मान, सुग्रीव को साथ,

हर रिश्ते में विश्वास, हर कर्म में बात।

सेना छोटी हो या सामने बड़ी चुनौती,

हौसले के आगे हार भी पड़ती है छोटी।

रावण था ग्यानी, पर अहंकार में डूबा,

शक्ति थी अपार, पर विवेक उससे रूठा।

याद रख, ग्यान बिना विनम्रता अधूरा,

अहंकार का महल एक दिन होता है चूरा।

युवाओं, सुनो! ये कहानी याद रखना,

गिर जाओ सौ बार, फिर उठकर आगे बढ़ना।

मुश्किलें आएँगी, हालात करेंगे वार,

मज़बूत मन वाला ही पार करेगा संसार।

युवा, तेरा धर्म है मेहनत और ईमान,

माता-पिता का आदर, सबके लिए सम्मान।

सफलता मिले तो अपने फ़र्ज़ मत भूल,

दिल को साफ़ रख, और चरित्र को बना उसूल।

ना नफ़रत सिखाता हूँ, ना किसी को गिराना,

राम के आदर्शों से खुद को बेहतर बनाना।

पहले अपने भीतर के अहंकार को हराना,

फिर दुनिया में सच और इंसाफ़ फैलाना।

राम सिर्फ़ नाम नहीं, जीने का उसूल हैं,

मुश्किलों में शांत रहना, यही असली वसूल है।

ना अहंकार की ताक़त, ना दौलत का घमंड,

सच के लिए जो डट जाए, वही इंसान बुलंद।

त्याग और मर्यादा ही असली वसूल हैं,

मन हो मज़बूत, और नीयत हो साफ़,

यही राम का संदेश — यही जीवन का इंसाफ़।

जय श्री राम! ये नारा ही नहीं, एक ज़िम्मेदारी,

सच के साथ चलना, चाहे राह हो भारी।

राम को पूजना है तो उनके गुण अपनाओ,

अपने कर्मों से दुनिया में उजियारा फैलाओ।

जय श्री राम! जय श्री राम!

मर्यादा, साहस, सेवा — यही राम का नाम!

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