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Glass and Shadow
Acoustic

Glass and Shadow

Vishal ParmarVishal Parmar
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Style: Soulful vocals, piano, guitar, bass, drums, sad
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Lyrics

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[Intro]

रात चुप है, दिल में शोर है,

तेरी यादों का ही ज़ोर है।

तुझसे कहने को बहुत कुछ था,

पर लबों पे आज भी ख़ामोशी है।

[Verse 1]

तेरी हँसी में सुबह देखी,

तेरी बातों में शाम मिली।

तूने बस दोस्त समझकर चाहा,

मुझे उसमें भी दुनिया मिली।

तेरे लिए वो पल थे आम से,

मेरे लिए वो याद बन गए।

तू आगे बढ़ता रहा यूँ ही,

हम तेरे रास्ते में ठहर गए।

[Pre]

कैसे बताऊँ तुझे ये कहानी,

कैसे कहूँ तू ही मेरी ज़ुबानी।

डर था कहीं तू दूर न हो जाए,

इसलिए दिल की बात छुपानी।

[Chorus]

मेरी मोहब्बत तुम तक पहुँची नहीं,

मेरी ख़ामोशी तुमने सुनी नहीं।

मैंने हर दुआ में तुझको माँगा,

पर मेरी दुआ में तू था ही नहीं।

मैं तेरा होकर भी तेरा न हुआ,

ये दिल तुझे कहकर भी कह न सका।

तू मेरी कहानी का हिस्सा रहा,

पर मेरा नाम तुझसे जुड़ न सका।

[Verse 2]

तेरे संदेशों का इंतज़ार किया,

हर छोटी बात को प्यार किया।

तूने कभी वादा भी तो नहीं किया,

फिर क्यों तुझसे इतना सवाल किया?

शायद तेरी कोई गलती नहीं,

शायद मेरा ही सपना था।

तूने मुझे कभी अपना न कहा,

फिर भी दिल तुझे अपना कहता था।

[Bridge]

तुझसे शिकायत भी कैसे करूँ,

जब तेरा कोई कसूर नहीं।

मैंने ख़्वाबों में घर बनाया,

तूने तो देखा वो घर ही नहीं।

काश एक बार तू पूछ तो लेता,

क्यों आँखों में ये सवाल हैं।

मैं हँसकर सब कुछ कह देता,

कि दिल में कितने सालों के मलाल हैं।

[Final Chorus]

मेरी मोहब्बत तुम तक पहुँची नहीं,

मेरी ख़ामोशी तुमने सुनी नहीं।

मैंने हर दुआ में तुझको माँगा,

पर तेरी राह में मेरी जगह नहीं।

मैं तेरा होकर भी तेरा न हुआ,

ये दिल तुझे कहकर भी कह न सका।

तू मेरी कहानी का हिस्सा रहा,

पर मेरा नाम तुझसे जुड़ न सका।

[Outro]

आज आख़िरी ख़त लिख रहा हूँ,

शायद भेजूँगा भी नहीं।

बस इतना कहना था तुमसे…

कि तुमसे प्यार था।

है…

और तुमने कभी पूछा नहीं।

अलविदा…

अगर सुन सको तो।

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