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Sunshine on My Mind

Sunshine on My Mind

S
Saad
0 likes1 plays5:20
Style: male vocal, happy, uplifting
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Lyrics

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हम्म… ओ हो…

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चल वे दिल, अज्ज कित्ते दूर चलिये…

जिथे खुद नू मिलन, othe थोड़ी देर रहिये…

[Verse 1]

शहर की गर्द को चेहरे से उतारा,

खुली सी हवा ने नाम फिर पुकारा।

ना मंज़िल का शोर, ना जल्दी कहीं की,

कुछ रातें मेरी , कुछ सुबह ज़मीन की।

कंधों पे दुनिया का बोझ था रखा,

खुद को ही मुद्दत से खुद से था छुपा।

अब जो भी हूँ, मुझे क़ुबूल है,

मेरा ये सफ़र ही, मेरा सुरूर है।

[Pre]

ना किसी की नज़र में बुलंदी चाहिए,

ना तक़दीर से कोई बंदगी चाहिए।

जो मिला राह में, उस्से सलाम है,

जो नहीं मिल सका, उस्से भी आराम है।

[Chorus — full acoustic strumming, Punjabi folk percussion, open and memorable vocals]

मैं अपनी राह दा राही वे,

मेरा दिल ही मेरी गवाही वे।

ना ताज चाहिए, ना कोई जहाँ,

मेरी मिट्टी, मेरी हवा, मेरा आसमान।

मैं चलदा जावां, चलदा जावां,

अपने ही रंग में ढलदा जावां।

ना हार दा डर, ना जीत का नशा,

मैं जैसा भी हूँ, मुझे खुद से है वफ़ा।

[Instrumental — melodic electric guitar answers the vocal; dhol enters with a restrained folk groove]

[Verse 2]

राहों में चाय और अंजाने चेहरे,

कुछ पल थे अपने, कुछ ख्वाब सुनहरे।

किसी ने कहा, “तू कहाँ जा रहा है?”

मैंने कहा, “जहाँ दिल ले जा रहा है।”

ना हर मोड़ पर कोई मतलब ज़रूरी,

ना हर ख्वाब की हो कहानी अधूरी।

सुकून कोई दौलत का मोहताज नहीं,

जो खुद में है ज़िंदा, वोह तन्हा नहीं।

[Pre]

अब खुद को किसी से तोलता नहीं,

जो दिल को ना भाए, वोह बोलता नहीं।

मेरी खामोशी भी एक बयान है,

मेरा होना ही मेरी पहचान है।

[Chorus]

मैं अपनी राह दा राही वे,

मेरा दिल ही मेरी गवाही वे।

ना ताज चाहिए, ना कोई जहाँ,

मेरी मिट्टी, मेरी हवा, मेरा आसमान।

मैं चलदा जावां, चलदा जावां,

अपने ही रंग में ढलदा जावां।

ना हार दा डर, ना जीत का नशा,

मैं जैसा भी हूँ, मेरी अपनी है फ़िज़ा।

[Bridge]

कुछ क़र्ज़ थे खुद पे, उतरने लगे,

कुछ बंद दरिचे, खुलने लगे।

जो बीत गया, उसको रहने दिया,

जो दर्द मिला, उस्से कहने दिया।

अब ना शिकायत किसी से रही,

ना खुद से कोई अदावत रही।

मैं खुद का हमसफ़र बन गया,

जो खोया था मुझ में, वोह मिल गया। a.a.a.a.a.

[Final Chorus — full band, dholak and live drums, communal backing vocals; lift the melody without making it bombastic]

मैं अपनी राह दा राही वे,

मेरा दिल ही मेरी गवाही वे।

ना ताज चाहिए, ना कोई जहाँ,

मेरी मिट्टी, मेरी हवा, मेरा आसमान।

मैं चलदा जावां, चलदा जावां,

खुले आसमान में उड़’दा जावां।

ना दुनिया से शिकवा, ना खुद से गिला,

मैं अपनी ही धुन में मुझे रास्ता मिला।

[Outro]

ना मंज़िल का गम… ना फासलों का डर…

मैं अपनी राह… और सफ़र मेरा घर…

ओ हो… चलदा जावां…

बस चलदा जावां…

बस चलदा जावां…

चलदाaa जावां…

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