
Sard Suhani Subah
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Lyrics
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[Intro]
[Soft bansuri flute, warm harmonium, gentle winter ambience]
[MALE VOCAL — SOLO]
ओस पड़ण लाग री पत्त्यां पै...
इब हौळे-हौळे जाड़ा आवैगा...
तेरे हाथ की अदरक आळी चाय...
पीण नै जी ललचावैगा...
[MALE VOCAL — SOLO CHORUS]
एक लोई में बैठ कै दोन्नूं,
कोठे ऊपर घाम सेंकांगे...
हँसते और बतलाते रै गोरी,
संग सारे सपणे देखांगे...
[MALE VOCAL — SOLO]
ओस पड़ण लाग री पत्त्यां पै...
इब हौळे-हौळे जाड़ा आवैगा...
तेरे हाथ की अदरक आळी चाय...
पीण नै जी ललचावैगा...
[INSTRUMENTAL INTERLUDE]
[Soft bansuri and sarangi over gentle dholak]
[FEMALE VOCAL — SOLO]
तड़कै-तड़कै धुंध छंटैगी,
आँगण में मूढ़े ढाळांगे...
अदरक कूट कै चाय बणाऊँ,
दोन्नूं बैठ कै पीवांगे...
[FEMALE VOCAL — SOLO]
एक प्याली में दो घूंट तू पी ले,
बाकी बची मैं पी ल्यूँगी...
तेरी एक मुस्कान पै बलमा,
सौ-सौ जनम मैं जी ल्यूँगी...
[FEMALE VOCAL — SOLO PRE]
ठंडी हवा तै सिहरै गात,
तू धोरै मेरे आवैगा...
तेरे कंधे पै सिर धर कै,
मन नै चैन आ जावैगा...
[DUET — MALE + FEMALE TOGETHER]
एक लोई में बैठ कै दोन्नूं,
कोठे ऊपर घाम सेंकांगे...
हँसते और बतलाते रै गोरी,
संग सारे सपणे देखांगे...
[INSTRUMENTAL INTERLUDE]
[Warm acoustic guitar, bansuri, soft dholak]
[MALE VOCAL — SOLO]
दोपहर का गुनगुना घाम,
सरसों के खेत लहरावैं...
कच्ची डगर पै संग चालैं,
तेरे नैन शरमावैं...
[MALE VOCAL — SOLO]
तेरी चुंदड़ी उड़ कै गोरी,
मेरे मुख पै लहरावै...
गुनगुनी धूप अर तेरा साथ,
दिल नै और लुभावै...
[MALE VOCAL — SOLO PRE]
ना कोठी-बंगले की चाह मन्नै,
ना धन-दौलत की आस सै...
तेरा हाथ रहै मेरे हाथ में,
बस इतनी सी बात सै...
[MALE VOCAL — SOLO]
जाड़े की या प्यारी रुत हो,
तू हरदम मेरे साथ रहै...
दुनिया चाहे बदलती रहवै,
अपणा प्यार बण्या रहै...
[MALE VOCAL — SOLO]
ओस पड़ण लाग री पत्त्यां पै...
इब हौळे-हौळे जाड़ा आवैगा...
तेरे हाथ की अदरक आळी चाय...
पीण नै जी ललचावैगा...
[INSTRUMENTAL BREAK]
[Soft sarangi, gentle dholak, intimate winter mood]
[FEMALE VOCAL — SOLO BRIDGE]
ढळती सांझ नै धुंध घिरैगी,
चूल्हे में आग बाळांगे...
हाथ सेंकते-सेंकते बलमा,
दिल की बात बतलावांगे...
[DUET — MALE + FEMALE TOGETHER]
बाहर पाळा पड़ता जावै,
केतली चाय की खदकैगी...
बाहर जितणी ठंड बढ़ैगी,
प्रीत उतणी गहरी होवैगी...
[Chorus]
एक लोई में बैठ कै दोन्नूं,
कोठे ऊपर घाम सेंकांगे...
हँसते और बतलाते रै गोरी,
संग सारे सपणे देखांगे...
[Chorus]
ओस पड़ण लाग री पत्त्यां पै...
इब हौळे-हौळे जाड़ा आवैगा...
तेरे हाथ की अदरक आळी चाय...
पीण नै जी ललचावैगा...
[Outro]
ओस पड़ण लाग री पत्त्यां पै...
इब हौळे-हौळे जाड़ा आवैगा...
तेरे हाथ की अदरक आळी चाय...
पीण नै जी ललचावैगा...
[INSTRUMENTAL ENDING]
[Soft bansuri flute fades out]