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Jai Hanuman Gyan Gun Sagar
Indian Classical

Jai Hanuman Gyan Gun Sagar

Meena BishtMeena Bisht
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Lyrics

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(ओ... ओ...)

श्रीगुरु चरन सरोज रज

निज मनु मुकुरु सुधारि

बरनऊं रघुबर बिमल जसु

जो दायकु फल चारि

बुद्धिहीन तनु जानिके

सुमिरौं पवन-कुमार

बल बुधि बिद्या देहु मोहिं

हरहु कलेस बिकार

जय हनुमान ग्यान गुन सागर

जय कपीस तिहुं लोक उजागर

राम दूत अतुलित बल धामा

अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा

(जय हनुमान, जय हनुमान)

महाबीर बिक्रम बजरंगी

कुमति निवार सुमति के संगी

कंचन बरन बिराज सुबेसा

कानन कुंडल कुंचित केसा

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै

कांधे मूंज जनेऊ साजै

शंकर सुवन केसरी नंदन

तेज प्रताप महा जग बंदन

जय हनुमान ग्यान गुन सागर

जय कपीस तिहुं लोक उजागर

राम दूत अतुलित बल धामा

अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा

(जय हनुमान, जय हनुमान)

विद्यावान गुनी अति चातुर

राम काज करिबे को आतुर

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया

राम लखन सीता मन बसिया

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा

बिकट रूप धरि लंक जरावा

भीम रूप धरि असुर संहारे

रामचंद्र के काज सवारे

जय हनुमान ग्यान गुन सागर

जय कपीस तिहुं लोक उजागर

राम दूत अतुलित बल धामा

अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा

(जय हनुमान, जय हनुमान)

लाय सजीवन लखन जियाए

श्रीरघुबीर हरषि उर लाए

(जय हनुमान... जय हनुमान...)

(ओ... ओ...)

स्वरूप विवरण:

शैली: भक्ति/देवotional गीत, पारंपरिक चालीसा पर आधारित

संरचना: आठ खंड (Intro → Verse → Chorus → Verse → Chorus → Bridge → Chorus → Outro)

भाषा: पूर्ण रूप से हिंदी (देवनागरी लिपि)

विशेषताएँ:

पहली पंक्ति में (ओ... ओ...) स्वर-विस्तार

हर कोरस में "जय हनुमान" की प्रिष्ठभूमि स्वर-पंक्ति

ऊर्जा का उतार-चढ़ाव: धीमी शुरुआत → मध्यम → शक्तिशाली कोरस → शांत ब्रिज → अंतिम उच्च ऊर्जा

पारंपरिक चालीसा के श्लोकों का सम्मानजनक प्रस्तुतीकरण

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