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Jai Maa Durga Stotram
Devotional

Jai Maa Durga Stotram

Shivangi JeshShivangi Jesh
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Style: Grand traditional Hindu classical devotional music, powerful sweet female lead vocals, fast energetic tempo, authentic Sanskrit pronunciation, majestic Maa Durga stotram, original Indian classical melody, powerful pakhawaj and tabla rhythms, mridangam, tanpura drone, temple bells, conch accents, rich Indian orchestral strings, layered female devotional chorus joining at the refrain, grand temple atmosphere, strong rhythmic pulse, consistent female vocalist, smooth transitions, majestic uplifting finale, no humming, no vocal fillers, no spoken words, no western pop, no imitation of existing recordings.
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[Intro]

जय अम्बे जगदम्बे, जय दुर्गे भवानी।

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि, माँ जगकल्याणी॥

[Stotram — Sanskrit Female Lead]

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते।

गिरिवरविन्ध्यशिरोधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते॥

भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिक्रिते।

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि दुर्मुखमर्षिणि हर्षरते।

त्रिभुवनपोषिणि शङ्करतोषिणि किल्बिषमोषिणि घोषरते॥

दनुजनिरोषिणि दुर्मदशोषिणि दुःखविनाशिनि सिन्धुसुते।

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्बवनप्रियवासिनि हासरते।

शिखरिशिरोमणितुङ्गहिमालयश्रिङ्गनिजालयमध्यगते॥

मधुमधुरे मधुकैटभगञ्जिनि कैटभभञ्जिनि रासरते।

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

अयि शतखण्ड विखण्डितरुण्ड वितुण्डितशुण्ड गजाधिपते।

रिपुगजगण्ड विदारणचण्ड पराक्रमशुण्ड म्रिगाधिपते॥

निजभुजदण्ड निपातितखण्ड विपातितमुण्ड भटाधिपते।

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

[Grand Female Chorus]

जय जय अम्बे, जय जगदम्बे।

जय महिषासुरमर्दिनि, जय माँ भवानी॥

अयि रणदुर्मद शत्रुवधोदित दुर्धरनिर्जर शक्तिभ्रिते।

चतुरविचारधुरीण महाशिव दूतक्रित प्रमथाधिपते॥

दुरितदुरीह दुराशयदुर्मति दानवदूत क्रितान्तमते।

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

अयि शरणागत वैरिवधूवर वीरवराभय दायकरे।

त्रिभुवनमस्तक शूलविरोधि शिरोधिक्रितामल शूलकरे॥

दुमिदुमितामर दुन्दुभिनाद महोमुखरीक्रित दिङ्मकरे।

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

अयि निजहुङ्क्रिति मात्रनिराक्रित धूम्रविलोचन धूम्रशते।

समरविशोषित शोणितबीज समुद्भवशोणित बीजलते॥

शिवशिव शुम्भनिशुम्भमहाहव तर्पितभूत पिशाचरते।

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

[Chorus]

जय जय अम्बे, जय जगदम्बे।

जय महिषासुरमर्दिनि, जय माँ भवानी॥

धनुरनुषङ्ग रणक्षणसङ्ग परिस्फुरदङ्ग नटत्कटके।

कनकपिशङ्ग प्रिषत्कनिषङ्ग रसद्भटश्रिङ्ग हतावटुके॥

क्रितचतुरङ्ग बलक्षितिरङ्ग घटद्बहुरङ्ग रटद्बटुके।

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

सुरललना ततथेयि तथेयि क्रिताभिनयोदर न्रित्यरते।

क्रित कुकुथः कुकुथो गडदादिकताल कुतूहल गानरते॥

धुधुकुट धुक्कुट धिण्डिमित ध्वनि धीरम्रिदङ्ग निनादरते।

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

जय जय जप्य जयेजयशब्द परस्तुति तत्परविश्वनुते।

झणझण झिञ्झिमि झिङ्क्रित नूपुरसिञ्जितमोहित भूतपते॥

नटितनटार्ध नटी नट नायक नाटितनाट्य सुगानरते।

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