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Velvet & Smoke
Soul

Velvet & Smoke

Rajesh PuniaRajesh Punia
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Style: Soulful vocals
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Lyrics

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भजन: "मैंने चिंता छोड़ दी, तेरी शरण पकड़ ली"

[Chorus]

मैंने चिंता छोड़ दी, तेरी शरण पकड़ ली।

जबसे 'मैं' का पर्दा टूटा, तेरी लगन पकड़ ली॥

मैंने चिंता छोड़ दी...

[Verse 1]

मेरा-मेरा करके भगवन, मन ये बहुत दुखाया था,

जग की झूठी आशाओं में, अपना वक्त गँवाया था।

आज समेटे मन के आँसू, तेरी डगर पकड़ ली,

जबसे 'मैं' का पर्दा टूटा, तेरी लगन पकड़ ली॥

मैंने चिंता छोड़ दी...

[Verse 2]

अहंकार की भारी गाठें, पल में आज खोल दीं,

अच्छी-बुरी परिस्थितियाँ सब, तेरे चरणों में तोल दीं।

भार उठाया तुमने मेरा, मैंने अमर डगर पकड़ ली,

जबसे 'मैं' का पर्दा टूटा, तेरी लगन पकड़ ली॥

मैंने चिंता छोड़ दी...

[Verse 3]

अब न कोई शिकवा प्रभुवर, न कोई फ़रियाद रही,

तू ही तू है भीतर मेरे, तेरी ही बस याद रही।

लहरें चाहे जितनी आएं, मैंने नाव की पतवार बदल दी,

जबसे 'मैं' का पर्दा टूटा, तेरी लगन पकड़ ली॥

मैंने चिंता छोड़ दी, तेरी शरण पकड़ ली...

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