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Midnight Engine
Alternative Rock

Midnight Engine

Arnav TamrakarArnav Tamrakar
0 likes0 plays5:46
Style: male vocal, guitar, drums, bass
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Lyrics

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हम्म्म… हम्म्म…

ना कोई मंज़िल, ना रास्ता पूछूँ,

मैं अपनी धुन में, अपना जहाँ ढूँढूँ।

दुनिया को जल्दी है, जाने कहाँ,

मैं आज में जी लूँ, कल का क्या पता…

कमरे की खिड़की, हवाओं का शोर,

हाथों में चाय और इरादे कमज़ोर।

फ़ोन पे सौ मैसेज, खोलूँ न एक,

अपनी ही कंपनी लगती है बेस्ट।

ना किसी से शिकवा, ना कोई सवाल,

ना जीत की फ़िक्रें, ना हार का मलाल।

जो मिल गया, उसको हँस के लिया,

जो छूट गया, उसको जाने दिया।

कोई कहे बदल जा, कोई कहे संभल,

मैं हँस के कह दूँ, भाई, रहने दे कल।

थोड़ी सी धूप और चाँदनी उधार,

बस इतनी सी दुनिया, बस इतना खुमार…

मुझे क्या पता, मुझे क्या खबर,

मैं अपनी ही धुन में, बेफ़िक्र सफ़र!

ना किसी की तलाश, ना मंज़िल का नशा,

दिल बोले आज जी, तो बस जी ज़रा!

मुझे क्या पता, कौन अपना-पराया,

मैंने तो हवाओं से रिश्ता बनाया।

ना दुनिया की फ़िक्र, ना कल का पता,

मैं अपना ही यार हूँ, मुझे क्या पता!

ओह-ओह-ओह, मेरी मर्ज़ियाँ!

ओह-ओह-ओह, मेरी ख़ामोशियाँ!

ओह-ओह-ओह, क्या खोना-क्या पाना?

अपनी ही धुन पे है आना-जाना!

ना महफ़िल की चाहत, ना ताली की भूख,

मैं ख़ाली से लम्हों में ढूँढूँ सुकून।

कभी छत पे तारे, कभी सड़कों पे रात,

कभी खुद से मुलाक़ात, बस इतनी सी बात।

मेरे पास वक़्त है, पर जल्दी नहीं,

कुछ कहना भी चाहूँ, तो कहता नहीं।

लोगों के किस्से, लोगों के ख़्वाब,

मेरी किताब में है मेरा ही बाब।

ना मैं कोई राजा, ना दुनिया का पीर,

बस हल्का सा दिल और इरादे आज़ाद।

जो समझे, वो अपना; ना समझे, ख़ैर,

मैं खुद में मुकम्मल, मुझे क्या किसी ग़ैर?

कोई कहे कहाँ है तेरा ठिकाना?

मैं बोलूँ जहाँ दिल करे आना-जाना।

ना कल की क़सम है, ना आज का वादा,

ज़िंदगी का सीन है, चलता है ज़्यादा!

मुझे क्या पता, मुझे क्या खबर,

मैं अपनी ही धुन में, बेफ़िक्र सफ़र!

ना किसी की तलाश, ना मंज़िल का नशा,

दिल बोले आज जी, तो बस जी ज़रा!

मुझे क्या पता, कौन अपना-पराया,

मैंने तो हवाओं से रिश्ता बनाया।

ना दुनिया की फ़िक्र, ना कल का पता,

मैं अपना ही यार हूँ, मुझे क्या पता!

और कभी रात पूछे,

“तू तन्हा तो नहीं?”

मैं हँस के ये कह दूँ,

“मैं खुद से जुदा तो नहीं।”

मुझे भीड़ में रहकर

भी क्या मिलता भला?

मैं खुद के साथ बैठा,

तो जहाँ मिल गया…

मुझे क्या पता, मुझे क्या खबर,

मैं अपनी ही धुन में, बेफ़िक्र सफ़र!

ना किसी की तलाश, ना मंज़िल का नशा,

दिल बोले आज जी, तो बस जी ज़रा!

ना कोई हिसाब, ना कोई गिला,

मुझे अपने जैसा कोई और न मिला।

ये दुनिया जहाँ जाए, जाए जहाँ,

मैं अपना जहाँ हूँ, मैं अपना जहाँ!

मेरी चाय ठंडी, मेरी रातें जवाँ,

मेरा छोटा स

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