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Sunlight Through The Window
Happy

Sunlight Through The Window

Ertyuio RtyuiooErtyuio Rtyuioo
0 likes1 plays4:35
Style: female vocal, piano, happy, Melodic
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विश्वंभरी अखिल विश्वतणी जनेता,

विद्या धरी वदनमां वसजो विधाता।

दुर्बुद्धिने दूर करी सद्बुद्धि आपो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो॥

भूलो पड़ी भवरन में भटकुं भवानी,

सूझे नहीं लगिर कोई दिशा जवानी।

भासे भयंकर वळी मनना उतापो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो॥

आ रंकने उगरवा नथी कोई आरो,

जन्मांध छुं जननी हूं ग्रह बाल तारों

ना शुं सुणो भगवति शिशु ना विलापो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो॥

मा कर्म जन्म कथनी करता विचारूं,

आ स्रिष्टिमां तुज विना नथी कोई मारूं।

कोने कहुं कठण योग तणो बळापो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो॥

हूं काम क्रोध मद मोह थकी छकेलो

आडंबरे अति घणो मदथी बकेलो।

दोषो थकी दूषित ना करी माफ पापो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो॥

ना शास्त्र ना श्रवणनुं पयपान पीधुं,

ना मंत्र के स्तुति कथा नथी कांई कीधुं।

श्रद्धा धरी नथी कर्या तव नाम जापो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो॥

रे रे भवानी बहु भूल थई छे मारी,

आ जिंदगी थई मने अतिशय अकारी।

दोषो प्रजाळी सघळा तव छाप छापो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो॥

खाली न कोई स्थल छे वीण आप धारा,

ब्रह्मांडमां अणु अणु मही वास तारो।

शक्ति न माप गणवा अगणित मापो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो॥

पापे प्रपंच करवा बधी वातें पूरो,

खोटो खरो भगवति पण हूं तमारो

जड्यांधकार दूर करी सद्बुद्धि आपो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो॥

शीखे सुणे रसिक छंद ज एक चित्ते,

तेना थकी त्रिविध ताप टळे खचीते।

वाढे विशेष वळी अंबा तणा प्रतापो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो॥

श्री सद्गुरुना शरणमां रहीने भजुं छुं,

रात्रि दिने भगवति तुजने भजुं छुं।

सद्भक्त सेवक तणा परिताप चापो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो॥

अंतर विषे अधिक ऊर्मि थतां भवानी,

गाऊं स्तुति तव बळे नमीने म्रिगाणी।

संसारना सकळ रोग समूळ कापो,

माम् पाहि ॐ भगवति भव दुःख कापो

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