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Mere Ram Aaye Hain
Devotional

Mere Ram Aaye Hain

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Style: Bhajan
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Lyrics

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[Intro]

[Chorus]

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 1]

मांग सिंदूर विराजत, टीको म्रिगमद को।

उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥

[Chorus]

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 2]

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।

रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै॥

[Chorus]

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 3]

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी।

सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी॥

[Chorus]

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 4]

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।

कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती॥

[Chorus]

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 5]

शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती।

धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती॥

[Chorus]

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 6]

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे।

मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥

[Chorus]

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 7]

ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी।

आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥

[Chorus]

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 8]

चौंसठ योगिनी मंगल गावत, न्रित्य करत भैरों।

बाजत ताल म्रिदंगा, अरु बाजत डमरू॥

[Chorus]

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 9]

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।

भक्तन की दुख हरता, सुख संपति करता॥

[Chorus]

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 10]

भुजा चार अति शोभित, खड्ग खप्पर धारी।

मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी॥

[Chorus]

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 11]

कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।

श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योती॥

[Chorus]

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Verse 12]

श्री अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावे।

कहत शिवानंद स्वामी, सुख संपति पावे॥

[Chorus]

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

ओम जय अम्बे गौरी॥

[Outro]

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