Back to home
Abyssal Resonance
Industrial

Abyssal Resonance

zigbeee technologyzigbeee technology
0 likes1 plays4:32
Style: Heavy bass, Orchestral, Electronic beats, whisper, male vocal, drums, bass, synth, aggressive, dark
Learn to sing thisKaraoke with live pitch — get a score on every lineSing →

PRO & Creator Features

Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Voice Clone, Photo Covers, LoRA) or Creator (Variations, Edit Sections, Stem Separation).

Audio2Audio Remix

Pro & Creator

Voice Clone

Pro & Creator

Create Variations

Creator only

Edit Sections

Creator only

Stem Separation

Creator only

Lyrics

▶ Play this song to follow along.

\[Intro]

तू मुझे जानती नहीं… मेरी कहानी सुनी होगी, पर मेरी ज़ुबानी नहीं…

कहते हैं मुझे लंका पति रावण! नाम याद रखना… मैं वो किरदार हूँ, जिसकी कहानी आज भी ज़िंदा है!

\[Chorus]

तू मुझे जानती नहीं, मेरा अंदाज़ निराला है, लंका पति रावण कहते हैं, अपना अलग ज़माना है! दानव हूँ मैं, भगवान नहीं, रावण हूँ मैं, कोई आम इंसान नहीं!

तू मुझे जानती नहीं, मेरी पहचान पुरानी है, सोने की लंका और मेरी अलग कहानी है! लंका पति रावण कहते हैं, याद रखना मेरा नाम, इतिहास के पन्नों में लिखा है मेरा अंजाम!

\[Verse 1]

दस सिरों में दस सोच, बुद्धि का खज़ाना, शिव का था भक्त, मेरा अलग था फ़साना! वेदों का ज्ञाता, शास्त्रों का जानकार, अपनी विद्या और शक्ति से था मैं असरदार!

सोने की लंका, ऊंचा मेरा महल, मेरी सल्तनत में होती थी हलचल! ना मैं कोई फ़रिश्ता, ना खुद को भगवान कहूँ, इतिहास के इस किरदार की अपनी पहचान कहूँ!

तूने बस सुना है मेरे नाम का किस्सा, हर कहानी में होता है एक अनकही हिस्सा! एक तरफ ज्ञान, दूसरी तरफ अभिमान, यही है रावण की कहानी की पहचान!

\[Pre]

कहते हैं मुझे लंकेश… लंका का राजा! सोने की लंका का मालिक… मेरा अंदाज़ निराला!

\[Chorus]

तू मुझे जानती नहीं, मेरा अंदाज़ निराला है, लंका पति रावण कहते हैं, अपना अलग ज़माना है! दानव हूँ मैं, भगवान नहीं, रावण हूँ मैं, कोई आम इंसान नहीं!

तू मुझे जानती नहीं, मेरी पहचान पुरानी है, सोने की लंका और मेरी अलग कहानी है! लंका पति रावण कहते हैं, याद रखना मेरा नाम, इतिहास के पन्नों में लिखा है मेरा अंजाम!

\[Verse 2]

राज था लंका पर, वैभव बेमिसाल, लेकिन मेरे कर्मों ने बदल दिया हाल! शक्ति थी अपार, ज्ञान भी महान, पर अहंकार ने छीन लिया मेरा सम्मान!

जीत के सपने और ताज का नशा, अपनी ही ज़िद ने दिया दिल को धोखा! जब अहंकार ने आंखों पर पर्दा डाला, तब बदल गया किस्मत का हर एक हवाला!

ना हर ताकत से जीता जाता है जहान, ना हर जीत से मिलता है असली सम्मान! रावण की कहानी बस इतना समझाए, घमंड का महल एक दिन टूट ही जाए!

\[Bridge]

सुनो…

रावण सिर्फ एक नाम नहीं, एक इतिहास है! एक विद्वान का ज्ञान, एक राजा का अभिमान!

सोने की लंका थी, शक्ति अपार, फिर भी कर्मों ने बदल दिया संसार! नाम आज भी ज़िंदा, कहानी लाजवाब, हर युग देता है उसके जीवन का जवाब!

\[Verse 3]

किरदार मेरा गहरा, कहानी पुरानी, हर युग सुनाता है मेरी ज़ुबानी! लंका के महल और सोने की दीवार, इतिहास में दर्ज है मेरा संसार!

ना झूठी कहानी, ना नकली पहचान, रामायण में दर्ज है मेरा पूरा बयान! दुनिया ने देखा मेरा उत्थान-पतन, वक़्त ने सिखाया अहंकार का दमन!

निखिल के अल्फ़ाज़,

Comments(0)

Sign in to join the conversation.

No comments yet. Be the first to comment!