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Low End Theory
Electronic

Low End Theory

K
Kashyap AIStudio
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Style: bass
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Lyrics

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[Intro]

(धीमा पियानो… कमरे में सन्नाटा…)

हाँ... मैं वही लड़का हूँ।

वही, जो आज भी तेरी यादों में रहता है।

दुनिया कहती है, वक्त के साथ सब बदल जाता है,

पर कोई उस दिल से पूछे,

जो एक ही जगह ठहर जाता है।

(हल्का विराम)

मेरे कमरे में एक डायरी है,

उस डायरी में मेरी पूरी कहानी है।

हर पन्ने पर कुछ अधूरे सवाल हैं,

और हर सवाल के पीछे... बस तेरा नाम है।

[Verse 1]

हाँ, मैं वही लड़का हूँ, जिसे तूने कभी देखा था,

जिस दिल ने तुझको चाहा, वो आज भी वहीं ठहरा था।

तू जिस हाल में छोड़ गई, मैं उसी हाल में खड़ा हूँ,

तेरी यादों के शहर में आज भी तन्हा पड़ा हूँ।

दुनिया से क्या मतलब, जब दिल ही उदास है,

चेहरे पर हँसी है, मगर अंदर कुछ खास नहीं।

घर में भी रहता हूँ अजनबी इंसान की तरह,

सबके बीच बैठा हूँ, मगर हूँ किसी वीरान जगह।

माँ पूछे, बेटा, आजकल चुप क्यों रहता है?

कैसे कहूँ, मेरा दिल हर रोज़ तेरे लिए बहता है।

दोस्त कहते हैं, भाई, चल कहीं घूम आते हैं,

कैसे बताऊँ, मेरे कदम उसी गली में रह जाते हैं।

मैं हँसता हूँ महफ़िल में, सबको हँसाता हूँ,

जब अकेला होता हूँ, खुद से नज़रें चुराता हूँ।

आँसू आते हैं, मगर दिखा नहीं पाता,

दिल में कितना दर्द है, किसी को बता नहीं पाता।

हाँ, मैं एक रैपर हूँ, अपनी बात सुनाता हूँ,

पर तेरी याद का ज़िक्र आते ही खामोश हो जाता हूँ।

[Verse 2]

पहले घर की बातें थीं, दोस्तों के साथ शाम थी,

छोटी-छोटी खुशियों में भी अपनी एक पहचान थी।

फिर धीरे-धीरे जाने क्या बदलने लगा,

जो लड़का खुलकर हँसता था, वो खुद से ही छिपने लगा।

घरवालों के सवालों से मैं बचने लगा,

अपने ही लोगों से नज़रें चुराने लगा।

पिता की उम्मीदें थीं, माँ की दुआएँ थीं,

मेरे लिए उनकी आँखों में कितनी निगाहें थीं।

वो चाहते थे बेटा कुछ बनकर दिखाए,

मैं चाहता था कोई मेरे दिल का हाल समझ पाए।

दोस्तों की महफ़िल में बैठा रहा रातों तक,

पर दिल में चलता रहा सवालों का हिसाब।

किसको बताता कि मैं अंदर से टूट रहा हूँ?

किसको बताता कि मैं खुद से ही रूठ रहा हूँ?

फिर कुछ ऐसे पल आए, जब खुद से भागने लगा,

दर्द को दबाने के लिए गलत रास्तों पर चलने लगा।

नशे ने कुछ पल के लिए खामोशी तो दी,

फिर उसी खामोशी ने मुझसे मेरी हँसी छीन ली।

अब सुबह का पता नहीं, रात कहाँ ढलती है,

एक आदत के पीछे मेरी कितनी जिंदगी जलती है।

मैं खुद को ढूँढ़ता हूँ, मगर खुद को पाता नहीं,

जो दर्द छिपा है सीने में, किसी को दिखाता नहीं।

[Chorus]

मैं तेरे बिना जियूँ क्या?

दिल की ये हालत कहूँ क्या?

तू सामने आए तो बोलूँ क्या?

तू दूर रहे तो सहूँ क्या?

मैं तेरे बिना ज

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