Back to home
Synthetic Hearts Beat Heavy
Vocal

Synthetic Hearts Beat Heavy

S
Sheraz Ahmad
0 likes0 plays2:51
Style: Electronic beats, Orchestral, Heavy bass, male vocal, female vocal, drums
Learn to sing thisKaraoke with live pitch — get a score on every lineSing →

PRO & Creator Features

Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Voice Clone, Photo Covers, LoRA) or Creator (Variations, Edit Sections, Stem Separation).

Audio2Audio Remix

Pro & Creator

Voice Clone

Pro & Creator

Create Variations

Creator only

Edit Sections

Creator only

Stem Separation

Creator only

Lyrics

▶ Play this song to follow along.

तेरे बाद भी ज़िंदा हूँ

[आग़ाज़ — धीमी और दर्द भरी आवाज़]

रात ख़ामोश है, दिल में अंधेरा है

तेरी यादों ने फिर मुझ को घेरा है

जिस जगह हम ने ख़्वाबों के घर बनाए

आज उस राह पर बस मेरा साया है

तेरी आवाज़ अब भी सुनाई दे

जैसे कोई मुझे दूर से बुलाए

मैं पलट कर भी देखूँ तो क्या देखूँ

मेरी क़िस्मत में अब कौन आए?

[Chorus]

तेरे बाद भी ज़िंदा हूँ, मगर ज़िंदा नहीं हूँ

मैं हँसता तो हूँ लेकिन अब वो हँसता नहीं हूँ

मेरी आँखों में ठहरा है तेरे जाने का मौसम

मैं दुनिया के लिए अपना हूँ, ख़ुद अपना नहीं हूँ

तू ने पूछा नहीं, मैं ने बताया नहीं

कितना टूटा हूँ मैं, किसी को दिखाया नहीं

तेरे वादों की लाशें लिए फिर रहा हूँ

मैं ने चाहा तुझे, ख़ुद को बचाया नहीं

[Verse 1]

वो गली, वो शाम, वो बारिश का पानी

वो तेरी हँसी, वो तेरी कहानी

वो कहना कि हम कभी दूर न होंगे

वो क़समें, मोहब्बत की सारी निशानी

अब इसी मोड़ पर तन्हा खड़ा हूँ

जहाँ तेरा हाथ थामे चला था

तू ने लम्हों में रिश्ता भुला दिया

मैं बरसों से उस पल में रुका हूँ

मेरे कमरे में अब भी तेरी ख़ुशबू

मेरे तकिये पे भीगे हुए ख़्वाब हैं

मैं ने सब से छुपाया है दर्द अपना

मेरे चेहरे पे कितने नक़ाब हैं

[Chorus]

तेरे बाद भी ज़िंदा हूँ, मगर ज़िंदा नहीं हूँ

मैं हँसता तो हूँ लेकिन अब वो हँसता नहीं हूँ

मेरी आँखों में ठहरा है तेरे जाने का मौसम

मैं दुनिया के लिए अपना हूँ, ख़ुद अपना नहीं हूँ

[Verse 2]

क्या मोहब्बत में मेरा क़ुसूर इतना था?

तुझे चाहना ही मेरा जुनूँ इतना था?

मैं ने माँगा नहीं चाँद तारों को तुझ से

मेरा माँगना बस तेरा साथ इतना था

तेरे ग़म को मैं सीने से लगाए बैठा

अपनी ख़ुशियों को ख़ुद से छुपाए बैठा

तू किसी और की दुनिया में ख़ुश है शायद

मैं तेरी याद को दुनिया बनाए बैठा

कभी सोचूँ कि तुझ को भुला दूँगा मैं

अपने दिल से तेरा नाम मिटा दूँगा मैं

फिर कोई तेरी जैसी हँसी सुन ले दिल

और सब कुछ वहीं छोड़ कर आऊँगा मैं

[दरमियानी हिस्सा — सरगोशी जैसी आवाज़]

अगर कभी रात में नींद न आए

अगर कोई अपना तुझे याद आए

तो समझना कहीं कोई अब भी है ऐसा

जो हँस कर भी अपने आँसू छुपाए

मैं तुझ से कोई बदला नहीं चाहता

तेरी ख़ुशियों का रस्ता नहीं रोकता

बस कभी अपने दिल से ये पूछ लेना

क्या कोई यूँ भी किसी को है चाहता?

[Verse 3]

मेरे ख़त, मेरी तस्वीरें, सब जला देना

मेरी बातों को भी आहिस्ता भुला देना

बस अगर मेरी वफ़ा का कभी ज़िक्र आए

मेरी आँखों को बेवफ़ा मत बता देना

मैं ने चाहा था तुझ को इ

Comments(0)

Sign in to join the conversation.

No comments yet. Be the first to comment!