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Wings of Dawn
Soul

Wings of Dawn

Gsga ShsysGsga Shsys
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Style: male vocal, female vocal, rap, powerful vocals, soft vocals, peaceful, uplifting, epic, flute, drums, Soulful vocals, Upbeat, Energetic
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हे काल — महादेव

[Intro]

हे काल हर, कष्ट हर, महादेव।

मेरे हर भय का अंत कर दो,

मेरे हर दर्द को हर लो।

मेरे अश्रु, मेरी पीड़ा और मेरे संघर्ष के

एकमात्र, एकमात्र साक्षी हो आप।

[Chorus] (Fimale voice)

सुंदर तर पिनाक धर हर,

सुंदर तर पिनाक धर हर,

गंगा धर, गजचर्माम्बर धर हर।

गंगा धर, गजचर्माम्बर धर हर।

चंद्रचूड़,

शिव शंकर पार्वती...

चंद्रचूड़,

शिव शंकर पार्वती...

रमणा...

निनगे

नमो नम, नमो नम:

रमणा...

निनगे

नमो नम, नमो नम:...

[VERSE 1]

हाथ धरा ना फूल धतूरा,

पास मेरे बस आँसू हैं,

वही चढ़ाने आया शंभू।

दर्द कहाँ पे बाँटूँ ये?

सुना तेरे सावन में,

जो भी माँगे वो मिल जाता है।

तो हल्का कर दे पीड़ा को,

कुछ कर दे ऐसा जादू रे।

अजब है दुनिया तेरी भोले,

अजब बड़े ही लोग लगे।

मुझे रोग लगे ये रोग लगे,

जो देख के भेंट में व्योग चले।

छुरा पीठ पे घोंप चले,

ये नेक गले को घोट चले।

[VERSE 2]

मेरी मरने की क्या बोलूँ सीमा,

नैन बहें, मेरे होंठ डरे।

भक्तों के कंधों पे काँवड़,

मैंने दर्द उठाया है।

सावन मेरी आँखों में भी,

रोकर तुझे बुलाया है।

रोकर कलम उठाया है,

सब लिखकर तुझे बताया है।

आशा है कि स्वर मेरा भी

घर तेरे तक आया है।

[PRE]

खड़ी है काशी महाशूल पर,

जैसे हाँ देव आदिदेव,

खड़ा भरोसा वैसे ही तुझ पे मेरा आदिदेव,

प्राण है लेने पूरे लेना,

म्रित्यु न मुझको आँधी दे।

चरणों में समाधि दे,

मुझे गणों की रख उपाधि में।

[Verse 3]

सुनो मेरी भी म्रित्युंजय,

ना डर लगे अब म्रित्यु से।

न्याय तो कर या म्रित्यु दे,

दिल बना मेरा भिक्षु ये।

कथा बताते चक्षु ये,

किससे ठहरे अश्रु में?

मुझे प्रेम नहीं किसी वस्तु से,

म्रित्यु है तो तरसूं मैं।

तूने ही बचाया भोले,

आगे भी बचा लेना।

यदि बचाना ना होगा,

तो अर्थी पे सजा देना।

गीतों में ना बोल रहा,

बस दिल से करता विनती मैं।

हो सके तो थाम,

तेरे चिरकाल मुझे बुला लेना।

[Chorus] (Fimale voice)

सुंदर तर पिनाक धर हर,

सुंदर तर पिनाक धर हर,

गंगा धर, गजचर्माम्बर धर हर।

गंगा धर, गजचर्माम्बर धर हर।

चंद्रचूड़,

शिव शंकर पार्वती...

चंद्रचूड़,

शिव शंकर पार्वती...

रमणा...

निनगे

नमो नम:, नमो नम:

रमणा...

निनगे

नमो नम:, नमो नम:...

सुंदर तर...

सुंदर तर....

सुंदर तर.....

सुंदर तर...

[Verse 4]

दिल बने क्या? दुनिया का,

ये शिव का होके बैठा है।

दुनिया उससे क्या छीने,

जो खुद को खोके बैठा है।

लोगों पे यक़ीन नहीं,

दिल धोखे लेके बैठा है।

लोगों को ना प्रेम यहाँ,

बस मौके लेके बैठा है।

[VERSE 5]

ये भजन तेरे भी गाते हैं,

तेरी चौखट पे भी आते हैं।

फूल तुझे चढ़ाते हैं,

खुद के दर्द सुनाते हैं।

दर्द दिए जो स्वयं इन्होंने,

उसको ना कह पाते हैं।

छल निभाते समय इन्हें

ना महादेव दिख पाते हैं।

ऐसे लोगों स

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