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Aigiri Nandini Shakti Roar
Bhakti

Aigiri Nandini Shakti Roar

Amol HAmol H
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Style: Fast traditional Sanskrit devotional stotram, Aigiri Nandini, powerful energetic female vocal, subtle autotune, precise Sanskrit pronunciation, rapid rhythmic chanting, Indian classical devotional, South Indian temple music, mridangam, tabla, veena, tanpura, manjira, temple bells, conch, powerful chorus, dramatic orchestral build, devotional energy, fierce Shakti bhakti, fast tempo, 155 BPM, traditional melody, cinematic temple atmosphere, strong percussion, clear vocals

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अयि गिरि नन्दिनि

नन्दित मेदिनि

विश्व विनोदिनि नन्दिनुते

गिरिवर विन्ध्य शिरोऽधिनिवासिनि

विष्णु विलासिनि जिष्णुनुते

भगवति हे

शितिकण्ठ कुटुम्बिनि

भूरि कुटुम्बिनि भूरिकृते

जय जय हे

महिषासुर मर्दिनि

रम्य कपर्दिनि शैलसुते

सुरवर वर्षिणि

दुर्धर धर्षिणि

दुर्मुख मर्षिणि हर्षरते

त्रिभुवन पोषिणि

शङ्कर तोषिणि

किल्बिष मोषिणि घोषरते

दनुज निरोषिणि

दिति सुत रोषिणि

दुर्मद शोषिणि सिन्धुसुते

जय जय हे

महिषासुर मर्दिनि

रम्य कपर्दिनि शैलसुते

अयि जगदम्ब

मदम्ब कदम्ब

वनप्रिय वासिनि हासरते

शिखरि शिरोमणि

तुङ्ग हिमलय

शृङ्ग निजालय मध्यगते

मधु मधुरे

मधु कैटभ गञ्जिनि

कैटभ भञ्जिनि रासरते

जय जय हे

महिषासुर मर्दिनि

रम्य कपर्दिनि शैलसुते

अयि शतखण्ड

विखण्डित रुण्ड

वितुण्डित शुण्द गजाधिपते

रिपु गज गण्ड

विदारण चण्ड

पराक्रम शुण्ड मृगाधिपते

निज भुज दण्ड

निपातित खण्ड

विपातित मुण्ड भटाधिपते

जय जय हे

महिषासुर मर्दिनि

रम्य कपर्दिनि शैलसुते

अयि रण दुर्मद

शत्रु वधोदित

दुर्धर निर्जर शक्तिभृते

चतुर विचार

धुरीण महाशिव

दूतकृत प्रमथाधिपते

दुरित दुरीह

दुराशय दुर्मति

दानव दुत कृतान्तमते

जय जय हे

महिषासुर मर्दिनि

रम्य कपर्दिनि शैलसुते

अयि शरणागत

वैरि वधुवर

वीरवराभय दायकरे

त्रिभुवन मस्तक

शुल विरोधि

शिरोऽधिकृतामल शुलकरे

दुमि दुमितामर

धुन्दुभि नाद

महो मुखरीकृत दिङ्मकरे

जय जय हे

महिषासुर मर्दिनि

रम्य कपर्दिनि शैलसुते

अयि निज हुङ्कृति

मात्र निराकृत

धूम्र विलोचन धूम्रशते

समर विशोषित

शोणित बीज

समुद्भव शोणित बीजलते

शिव शिव शुम्भ

निशुम्भ महाहव

तर्पित भूत पिशाचरते

जय जय हे

महिषासुर मर्दिनि

रम्य कपर्दिनि शैलसुते

धनुरनुषङ्ग

रणक्षण सङ्ग

परिस्फुरदङ्ग नटत्कटके

कनक पिशङ्ग

पृषत्क निषङ्ग

रसद्भट शृङ्ग हताबटुके

कृत चतुरङ्ग

बल क्षिति रङ्ग

घटद्बहुरङ्ग रटद्बटुके

जय जय हे

महिषासुर मर्दिनि

रम्य कपर्दिनि शैलसुते

सुरललना

ततथेयि तथेयि

कृताभिनयोदर नृत्यरते

कृत कुकुथः

कुकुथो गडदादिकताल

कुतूहल गानरते

धुधुकुट धुक्कुट

धिंधिमित ध्वनि

धीर मृदंग निनादरते

जय जय हे

महिषासुर मर्दिनि

रम्य कपर्दिनि शैलसुते

जय जय जप्य

जयेजय शब्द

परस्तुति तत्पर विश्वनुते

झण झण झिञ्झिमि

झिङ्कृत नूपुर

शिञ्जित मोहित भूतपते

नटित नटार्ध

नटी नट नायक

नाटित नाट्य सुगानरते

जय जय हे

महिषासुर मर्दिनि

रम्य कपर्दिनि शैलसुते

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