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Echoes of the Fallen King
Emotional

Echoes of the Fallen King

KAILASH CHANDRA TAMRAKARKAILASH CHANDRA TAMRAKAR
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Style: cinematic, orchestral, epic, strings, brass, percussion, dramatic, emotional, Acoustic, Melodic, Orchestral, male vocal, soft vocals, piano, guitar, bass, uplifting, dark, nostalgic, drums
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पापा

सुबह की चाय, अख़बार साथ,

सादा जीवन, ऊँची बात।

काम में पूरा, मन में सार,

आप थे मेरे जीवन-आधार।

छत्तीस मील की लंबी राह,

आँखों में सपना, दिल में चाह।

रास्ते मुश्किल, कदम न रुके,

हालात बदले, आप न झुके।

पीतल में मेहनत की चमक,

किताबों में जीवन की झलक।

रेडियो में हुनर की तान,

सादा जीवन, ऊँचा मान।

तब जो बातें छोटी थीं,

आज वही अनमोल हुईं।

तब जो बातें समझ न आईं,

आज वही मेरी सीख हुईं।

पापा... आप थे तो घर था,

हर मुश्किल में आपका हाथ था।

पापा... आप थे तो डर कम था,

हर रास्ता फिर भी आसान था।

आज नहीं हैं, फिर भी लगता,

आपका साया साथ है।

मैं जो हूँ और जितना हूँ,

उसमें आपका हाथ है।

कितने रस्ते सामने थे,

आपने घर को चुन लिया।

अपने हिस्से की धूप लेकर,

हमको छाँव में रख लिया।

चीज़ें अपनी जगह रहें,

सफ़ाई में भी प्यार रहे।

पुरानी किताबें, पुरानी यादें,

आज भी दिल के पास रहें।

डायरी के उन पन्नों में,

बीते कल की बात मिली।

आपको ढूँढा जब भी मैंने,

आपकी ही सौगात मिली।

तब जो आदत रोज़ की थी,

आज वही पहचान बनी।

आपकी छोटी-छोटी बातें,

मेरी बड़ी उड़ान बनी।

पापा... आप थे तो घर था,

हर मुश्किल में आपका हाथ था।

पापा... आप थे तो डर कम था,

हर रास्ता फिर भी आसान था।

आज नहीं हैं, फिर भी लगता,

आपका साया साथ है।

मैं जो हूँ और जितना हूँ,

उसमें आपका हाथ है।

काश वो शाम लौट आए,

काश वो पल फिर पास आए।

कुछ न पूछूँ, कुछ न कहूँ,

बस आपके पास बैठा रहूँ।

जो कहना था, कह न सका,

जो सुनना था, सुन न सका।

वक़्त आपको दूर ले गया,

दिल से मगर छीन न सका।

पापा... आप थे तो घर था,

आपसे ही मेरा सफ़र था।

आज भी जब मैं आगे बढ़ता,

लगता है आपका हाथ है।

मेरी बातों, मेरी चाल में,

आप बसे हर ख़याल में।

मैं जो हूँ और जितना हूँ,

आप हैं मेरी हर मिसाल में।

पापा... आप दूर सही,

दिल से लेकिन दूर नहीं।

शरीर गया तो क्या हुआ—

पिता कभी भी दूर नहीं।

आज भी चाय बनती है,

आज भी अख़बार आता है।

घर तो वैसा ही रहता है,

बस एक स्वर कम हो जाता है।

लोग अगर पूछें मुझसे—

“कैसे थे आपके पिता?”

मैं बस इतना कह दूँगा—

सादा थे...

लेकिन मेरे लिए,

दुनिया से भी खास थे।

आप मेरे पिता थे,

आप मेरे पिता हैं...

और जब तक साँस रहेगी,

आप मेरे साथ रहेंगे।

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