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Echoes of Distant Skies
Acoustic

Echoes of Distant Skies

KAILASH CHANDRA TAMRAKARKAILASH CHANDRA TAMRAKAR
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Style: cinematic, orchestral, epic, strings, brass, percussion, dramatic, emotional, Acoustic, Melodic, soft vocals, piano, guitar, nostalgic, uplifting, dark
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Lyrics

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[Intro]

पापा

[Intro]

सुबह की वो पहली चाय,

अख़बार का वो पन्ना,

घर के बाहर साफ़ रास्ता,

और आपका वो कहना—

“काम जैसा भी हो बेटा,

पूरा होना चाहिए।”

तब ये बातें छोटी थीं,

अब लगता है—

यही तो आपकी पूरी ज़िंदगी थी।

[Verse]

साइकिल पर वो रास्ते,

वो छत्तीस मील की दूरी,

जेब में कम था शायद,

पर आँखों में मंज़िल पूरी।

कभी पीतल के बर्तनों में,

कभी किताबों के पन्नों में,

कभी रेडियो की आवाज़ में,

आपका हुनर बसा था।

ज़िंदगी ने जितना रोका,

आप उतना ही चलते रहे,

अपने हिस्से की धूप में भी

हमारे लिए छाँव बने रहे।

[Chorus]

पापा...

आप गए कहाँ हैं?

घर वही है,

आँगन वही है,

बस आवाज़ नहीं है।

पापा...

आप गए कहाँ हैं?

आपकी आदतें बची हैं,

आपकी बातें बची हैं,

और हममें

आपका हिस्सा अभी भी बाकी है।

[Verse]

कितने रास्ते सामने थे,

पर घर को चुन लिया आपने,

हम छोटे थे,

तो समझ न पाए

आपकी ख़ामोशी का मतलब।

आज समझ आता है—

कुछ लोग प्यार कहते नहीं,

पूरी उम्र निभाते हैं।

पुरानी किताबों के पन्नों में,

डायरी के उन शब्दों में,

आज भी जैसे ढूँढता हूँ

आपको उन्हीं चीज़ों में।

जो बातें तब रोज़मर्रा थीं,

आज वही विरासत लगती हैं।

[Bridge]

पापा...

काश एक बार फिर

आपके पास बैठ पाता।

कुछ पूछना नहीं था...

बस चुपचाप

आपके पास बैठना था।

जो बातें रह गईं अधूरी,

वो शायद अब कभी पूरी न हों...

लेकिन एक बात कहनी है—

आपने जो बनाया था मुझे,

वो आपसे कभी दूर नहीं होगा।

[Chorus]

पापा...

आप गए कहाँ हैं?

आप तो यहीं हैं—

मेरी बातों में,

मेरी आदतों में,

मेरे फैसलों में,

मेरी आवाज़ में।

जब मुश्किल रास्तों से

पीछे नहीं हटता हूँ—

तब लगता है...

आप मेरे अंदर खड़े हैं।

शरीर चला जाता है पापा...

पर पिता कहाँ जाते हैं?

वो तो

बेटे की धड़कनों में

उम्र भर चलते रहते हैं।

[Outro]

आज भी सुबह होती है...

अख़बार आता है...

चाय बनती है...

घर वैसा ही रहता है...

बस एक आवाज़ कम है।

पापा...

आपकी जगह

कोई नहीं ले सकता।

क्योंकि कुछ रिश्ते

जाने के बाद खत्म नहीं होते—

और गहरे हो जाते हैं।

आप मेरे पिता थे...

आप मेरे पिता हैं...

और जब तक मैं हूँ—

आप मेरे साथ रहेंगे।

— आपका बेटा, आकाश

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