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Echoes in the Deep
Atmospheric

Echoes in the Deep

Badri NathBadri Nath
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Style: Heavy bass, male vocal, piano, bass, guitar, peaceful, dark, sad, happy
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Lyrics

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एक बात पूछूँ...

हम यहाँ क्यों आए थे?

इतना कुछ बनाने...

इतना कुछ पाने...

जब एक दिन

सब कुछ छोड़कर जाना था।

[VERSE 1]

पहली बार आँखें खुलीं,

दुनिया पहले से थी।

कुछ लोग अपने थे,

कुछ राहें अनजानी थीं।

फिर धीरे-धीरे

हमने अपना नाम बनाया,

मिट्टी के इस छोटे से सफ़र में

एक संसार सजाया।

कभी हँसे,

कभी रोए,

कभी जीते,

कभी खोए।

और हर खोने के बाद

फिर कुछ पाने निकल पड़े।

[PRE]

दिन महीनों में बदले,

महीने साल हो गए।

कल के सारे सपने

आज के सवाल हो गए।

और एक दिन पीछे देखा तो...

जो कल बहुत दूर था,

वो आज सामने खड़ा था।

[Chorus]

अगर अंत में

सब छूट जाना है...

तो बीच में

हमने जो महसूस किया...

क्या वही

हमारा होना था?

जो हाथ थामा,

जो आँसू बहाए...

जो पल जिए,

जो गीत बनाए...

अगर अंत में

सब मिट जाना है...

तो शायद

मिटने से पहले जी लेना...

ही हमारा होना था।

[Instrumental]

[VERSE 2]

हम घर बनाते रहे,

जानते हुए कि घर भी छूटेगा।

नाम कमाते रहे,

जानते हुए कि नाम भी धुंधला होगा।

तस्वीरें संभालते रहे,

चेहरे बदलते गए।

लोग हमारे साथ चले,

फिर अपनी राहों में बिछड़ते गए।

कितने लोग आए होंगे

इस दुनिया में हमसे पहले...

जिन्होंने भी सोचा होगा—

“मेरी कहानी अलग है।”

आज उनकी जगह

किसी और के कदम हैं।

शायद कल

हमारी जगह भी होगी।

[Pre]

फिर भी...

क्यों कोई किसी का इंतज़ार करता है?

क्यों कोई बारिश में

बेवजह रुक जाता है?

क्यों कोई दूर पहाड़ देखकर

चुप हो जाता है?

शायद इसलिए...

कि हर चीज़ का हमेशा रहना

ज़रूरी नहीं होता।

[Chorus]

अगर अंत में

सब छूट जाना है...

तो बीच में

हमने जो महसूस किया...

क्या वही

हमारा होना था?

जो हाथ थामा,

जो आँसू बहाए...

जो पल जिए,

जो गीत बनाए...

अगर अंत में

सब मिट जाना है...

तो शायद

मिटने से पहले जी लेना...

ही हमारा होना था।

[Bridge]

शायद...

जीवन कोई ऐसी किताब नहीं

जिसका आख़िरी पन्ना

ही उसका मतलब बताए।

शायद मतलब

उन पन्नों में था...

जहाँ हम हँसे थे।

जहाँ किसी ने

हमारा नाम लेकर पुकारा था।

जहाँ हम किसी को

याद करके मुस्कुराए थे।

जहाँ पहली बार

हमें लगा था...

“हाँ...

मैं सच में यहाँ हूँ।”

[MUSIC DROPS — ALMOST SILENT]

और शायद...

हमें हमेशा रहने के लिए

नहीं भेजा गया था।

शायद...

हमें थोड़ी देर के लिए

सच में जीने भेजा गया था।

[Chorus]

अगर अंत में

सब छूट जाना है...

तो आज जो मेरे पास है,

उसे महसूस होने दो।

कल की चिंता में

आज को मत खोने दो।

जो मिला है,

उसे पूरा जी लेने दो...

क्योंकि अंत तो

हर कहानी का आएगा।

लेकिन उससे पहले...

कहानी में

मैं था।

मैंने देखा था।

मैंने महसूस किया था।

मैंने किसी को चाहा था।

मैंने इस दुनिया को

एक बार...

अपनी आँखों से देखा था।

[Outro]

सब चला जाएगा...

नाम भी...

शोर भी...

रास्ते भी...

लेकिन जो पल

हमने सच में जिए...

शायद...

वही ह

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