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Jagran Ki Shakti
Devotional

Jagran Ki Shakti

Amol HAmol H
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Style: Indian classical, Sanskrit stotra, Shakti devotional, powerful female devotional vocal, Hindustani classical, temple chant, Pakhawaj, Damru, Tanpura, Tabla, majestic, rhythmic, energetic, 110 BPM, female vocal, Energetic, aggressive
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Lyrics

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[Verse 1]

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते

गिरिवरविन्ध्यशिरोधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते।

भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिक्रिते

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

[Chorus]

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि

रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

[Verse 2]

सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि दुर्मुखमर्षिणि हर्षरते

त्रिभुवनपोषिणि शङ्करतोषिणि किल्बिषमोषिणि घोषरते।

दनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुते

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

[Chorus]

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि

रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

[Verse 3]

अयि जगदम्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रियवासिनि हासरते

शिखरि शिरोमणि तुङ्गहिमलय श्रिङ्गनिजालय मध्यगते।

मधुमधुरे मधुकैटभगञ्जिनि कैटभभञ्जिनि रासरते

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

[Chorus]

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि

रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

[Verse 4]

अयि शतखण्ड विखण्डितरुण्ड वितुण्डितशुण्द गजाधिपते

रिपुगजगण्ड विदारणचण्ड पराक्रमशुण्ड म्रिगाधिपते।

निजभुजदण्ड निपातितखण्ड विपातितमुण्ड भटाधिपते

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

[Chorus]

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि

रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

[Verse 5]

अयि रणदुर्मद शत्रुवधोदित दुर्धरनिर्जर शक्तिभ्रिते

चतुरविचार धुरीणमहाशिव दूतक्रित प्रमथाधिपते।

दुरितदुरीह दुराशयदुर्मति दानवदुत क्रितान्तमते

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

[Chorus]

जय जय हे महिषासुरमर्दिनि

रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥

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