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Altar of Thunder
Orchestral

Altar of Thunder

ware theweware thewe
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Style: cinematic devotional , orchestral, epic, strings, brass, percussion, dramatic, emotional, Heavy bass, male vocal, aggressive, dark
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Lyrics

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जय काली कलकत्ते वाली, तेरा वचन न जाए खाली,

दीन दुखी है तेरे दर पे, भर दो उनकी झोली खाली।

दीन दुखी है तेरे दर पे, भर दो उनकी झोली खाली।

जय दुर्गे, जय काली, खप्पर वाली,

माँ भवानी की जय,

जगदम्बा, माँ चामुंडा, जय हो गौरा,

अम्बेरानी की जय।

अम्बेरानी की जय।

मैया के मुख का है तेज ऐसा, जैसे कि सूर्य चमकता हो,

है कमल नयन जिनके भीतर, करुणा का भाव झलकता हो,

है खुले केश होते प्रतीत, जैसे कि काल गरजता हो,

है गौर वर्ण, चोला है लाल, मैया का रूप निखरता हो।

इक हाथ चक्र, इक हाथ शंख और एक हाथ तलवार धरे,

इक हाथ धनुष, इक हाथ बाण और एक हाथ है ढाल तले,

इक हाथ में सजता है त्रिशूल, इक हाथ से ये संसार चले,

मैया बैठी है सिंह पे और महिषासुर पड़ा है पाँव तले।

शुम्भ-निशुम्भ और मधु-कैटभ, तुमने उन सब का अंत किया,

जब रक्तबीज से युद्ध हुआ तो, तुमने उसका रक्त पिया,

सब देव हुए थे नतमस्तक, तेरा आदिशक्ति रूप देख,

तेरे आगे लेटे महादेव, तेरा काली का स्वरूप देख।

जय दुर्गे, जय काली, खप्पर वाली,

माँ भवानी की जय,

जगदम्बा, माँ चामुंडा, जय हो गौरा,

अम्बेरानी की जय।

अम्बेरानी की जय।

ये आस लगी मेरी तुमसे, इस आस को पूरी कर दो ना,

ये भक्त खड़ा तेरे दर पे, मैया मुझको दर्शन दो ना,

मेरी आँखों में सब लिखा हुआ, इन आँखों को तुम पढ़ लो ना,

मेरा मन पीड़ा से भरा हुआ, इस पीड़ा को तुम हर लो ना।

सब अस्त-व्यस्त है जीवन में, कुछ भी इसमें ठहराव नहीं,

मन मेरा धूप में जलता है, मेरे भीतर है कोई छाँव नहीं,

संसार से हूँ मैं ऊब गया, है किसी से कोई लगाव नहीं,

मुझे एक बात बता दो, क्या तुम्हें पाने का है पड़ाव यही?

ये जगत है चलता तुमसे ही, मेरे शिव की तुम पूरक हो,

तेरे दर पे सब कष्ट मिटे, ममता की ऐसी मूरत हो,

तेरी भक्ति में मेरा शीश काट, तेरे चरणों में धर दूँगा,

सारा जीवन मेरा मैया, तेरे ही नाम में कर दूँगा।

जय दुर्गे, जय काली, खप्पर वाली,

माँ भवानी की जय,

जगदम्बा, माँ चामुंडा, जय हो गौरा,

अम्बेरानी की जय।

अम्बेरानी की जय।

जय काली कलकत्ते वाली, तेरा वचन न जाए खाली,

दीन दुखी है तेरे दर पे, भर दो उनकी झोली खाली।

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