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Khaamosh Alfaaz
Emotional Rap

Khaamosh Alfaaz

Shubham BhartiShubham Bharti
0 likes1 plays4:06
Style: “Emotional Hindi storytelling rap, deep male vocal, cinematic hip-hop beat, slow emotional flow, clear Hindi dictio
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चार अप्रैल, दो हज़ार आठ, उस दिन शुरू हुई मेरी कहानी, छोटा सा था मैं, सपने थे बड़े, पर ज़िंदगी ने अपनी ही ठानी। तीन साल का था, घर से दूर हो गया, मम्मी-पापा से दूर, दादी के पास हो गया। तब से उन्हीं की छाँव में पलता रहा, जो मिला ज़िंदगी से, चुपचाप सहता रहा। पढ़ाई में कभी मन नहीं लगा, किताबों से ज़्यादा मैदान अच्छा लगा। स्कूल कई बदले, कुछ आधे में छूट गए, कुछ रास्ते खुद-ब-खुद मुझसे रूठ गए। नाइंथ में पहुँचा तो एक और वार हुआ, बिना किसी वजह के स्कूल से बाहर कर दिया गया। लोग बोले शायद मुझमें कमी होगी, पर किसी ने नहीं पूछा कि अंदर क्या चल रहा होगा। मेरा सपना तो बस क्रिकेटर बनने का था, मैदान में उतरना, अपने नाम से चमकना। लेकिन घर की कुछ अपनी मजबूरियाँ थी, मेरे सपनों के आगे कई बंदिशें खड़ी थीं, "ये मत करो, वो मत खेलो, बस पढ़ाई करो, डॉक्टर बनो।" सबकी अपनी उम्मीदें थीं मुझसे, पर कोई पूछे तो सही... मैं क्या बनना चाहता हूँ? ये मेरी कहानी है, मेरी ज़ुबानी। कुछ आँखों में सपने, कुछ आँखों में पानी। गिरा हूँ कई बार, फिर उठा भी हूँ मैं। जो भी हूँ आज, अपनी कहानी से बना। फिर एक दिन इंस्टाग्राम पे मुलाकात हुई, एक अनजान चेहरे से दिल की बात हुई। धीरे-धीरे बातें, फिर आदत बन गईं। पता ही नहीं चला कब वो ज़रूरत बन गई। नाम था उसका वैष्णवी, और कहानी बढ़ती गई। दूर थे हमारे बीच, पर दिल से जुड़े रहे। कुछ पल हँसी के, कुछ पल तकरार के, पर हम अपने प्यार के साथ चलते रहे। आज पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है, हर दर्द ने मुझे थोड़ा और मजबूत किया है। जो मिला, उसने कुछ सिखाया है, जो गया, उसने कुछ समझाया है। यह सफर अभी चल रहा है, कहानी अभी बाकी है। कल क्या होगा, पता नहीं। पर एक बात पक्की है... रुकना नहीं है। ये मेरी कहानी है... अभी अधूरी है, मगर अपनी है। जो कल था वो आज नहीं। और जो आज हूँ... वो कल से बेहतर बनने की कोशिश में है।

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