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Heavy Bass Happy Days
Trap

Heavy Bass Happy Days

Mind.ink24Mind.ink24
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Style: hip hop, 808 bass, hi-hats, synth, 90 bpm, bold, urban, intense, rhythmic, male vocal, Heavy bass, Energetic, happy, aggressive
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Lyrics

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[Intro]

हाँ…

शहर दी हवा अज्ज कुझ होर केहंदी,

खामोशी मेरी वी हुन शोर केहंदी।

जिन्ना राहां नू दुनिया ने छड दित्ता,

ओही राह मेरी मंज़िल वाल मोड़ केहंदी।

[Chorus]

मैं तुर्दा रहना, पैरां थल्ले राह,

कल दी नहीं फिकर, अज्ज मेरी चाह,

चन्न वी गवाह ते रात वी गवाह,

जित्थे दिल ले जावे, ओथे मेरी चाह।

मैं तुर्दा रहना, रुकना नी मैं,

डिग्ग के वी मिट्टी तों उठना नी मैं,

नाम हवा दे उत्ते लिखना नी मैं,

कम्म ऐसा छडना जो मिट्टना नी मैं।

[Verse 1]

पुराने जुत्ते, पर सुपने नवें,

खाली जेबां, पर इरादे भरे,

छत ते बैठ के तारे गिन्ने,

हुन ओहना विचों अपने राह चुने।

माँ दी दुआ नू जेब च रख्या,

बापू दी मेहनत नू दिल च रख्या,

दुनिया केहंदी “थोड़ा रुक जा वे,”

दिल ने केहा “हुन होर की बच्या?”

शहर दे कोने मैं वेखे बड़े,

हस्सदे चेहरे, पर दर्द बड़े,

इस कर्के लफ़्ज़ मेरे सजदे नी,

जो वेख्या ऐ, ओही केहंदे खड़े।

ना नकली चमक, ना उधार दा रंग,

अपनी मिट्टी दा अपना ही ढंग,

जदों बीट चले, दिल खोल के बोलां,

हर इक लफ़्ज़ च वज्जे अपना संग।

[Chorus]

मैं तुर्दा रहना, पैरां थल्ले राह,

कल दी नहीं फिकर, अज्ज मेरी चाह,

चन्न वी गवाह ते रात वी गवाह,

जित्थे दिल ले जावे, ओथे मेरी चाह।

मैं तुर्दा रहना, रुकना नी मैं,

डिग्ग के वी मिट्टी तों उठना नी मैं,

नाम हवा दे उत्ते लिखना नी मैं,

कम्म ऐसा छडना जो मिट्टना नी मैं।

[Verse 2]

कुझ यार मिले जो खून तों गहरे,

कुझ वक़्त मिले जो अखां तों सेहंदे,

कुझ लोक मिले जो राह च बदले,

कुझ दर्द मिले जो गीत बण के बेहंदे।

हुन मैं हवा दे नाल नी उड्ड-दा,

तूफान आवे तां होर वी जुड-दा,

जित्थे डर सी कल तक खड़’दा,

अज्ज ओथे मेरा कदम ऐ मुड़-दा।

मिट्टी दी खुशबू, शहर दा धुआं,

दोनों नू रख्या दिल दे समान,

पिंड दी याद जदों रात नू आवे,

खिड़की तों तकदा मैं आधा अस्मान।

मैनू तालियां तों ज़्यादा सच चाहिदा,

चार बंदे केह दें “तू चंगा किता,”

जे सफर मेरा किसे होर नू हौसला देवे,

बस ओही मेरे लायी काफी ऐ सिला।

[Chorus]

मैं तुर्दा रहना, पैरां थल्ले राह,

कल दी नहीं फिकर, अज्ज मेरी चाह,

चन्न वी गवाह ते रात वी गवाह,

जित्थे दिल ले जावे, ओथे मेरी चाह।

मैं तुर्दा रहना, रुकना नी मैं,

डिग्ग के वी मिट्टी तों उठना नी मैं,

नाम हवा दे उत्ते लिखना नी मैं,

कम्म ऐसा छडना जो मिट्टना नी मैं।

[Outro]

राह मुक्क सकदे…

पर कदम नहीं।

रात ढल सकदी…

पर सुपने नहीं।

जो अज्ज दिल च ऐ,

कल आवाज़ होवेगा।

ते जे आवाज़ सच होवे—

फेर दूर तक जावेगा।

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