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Dil Ki Dhadkan Sun
Indian Classical

Dil Ki Dhadkan Sun

S
Shruti Dange
0 likes1 plays4:55
Style: bollywood, hindi vocal, tabla, sitar, strings, melodic, emotional, filmy
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Lyrics

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तू ही मेरा सुकून

अंतरा एक

एक अनजानी सी आवाज़ थी,

जिसमें कोई बात खास थी,

तूने सुना तो रुक सा गया,

दिल तेरा मुझपे झुक सा गया।

ना मैं जानूँ, ना तू जाने,

कैसे बने हम अनजाने,

पहले बातें, फिर मुलाक़ातें,

फिर बन गईं वो प्यारी रातें।

प्री-कोरस

बारिश में वो पहली मुलाक़ात,

दिल में रह गई वो पहली बात,

तू चुप था, मैं अनजान थी,

फिर भी शायद कुछ पहचान थी।

मुखड़ा

तू ही मेरा सुकून है,

तू ही मेरी धुन है,

तेरे बिना ये दिल मेरा

जैसे अधूरा सा जुनून है।

तू साथ हो तो रास्ते भी

लगते हैं आसान,

तेरे नाम से धड़कता है

मेरे दिल का हर अरमान।

अंतरा दो

लेक किनारे बैठ के हमने,

सारे राज़ बताए थे,

दुनिया से जो कह ना पाए,

तुझसे वो सब सुनाए थे।

वो मंदिर की शांत सी शामें,

वो पढ़ना और वो बातें,

सब कहते थे देखकर हमको,

“इनकी कितनी प्यारी मुलाक़ातें।”

तू मेरी हर जीत में था,

मेरी हर हार में भी,

मैं गिरती तो तू कहता,

“मैं हूँ ना तेरे साथ अभी।”

मुखड़ा

तू ही मेरा सुकून है,

तू ही मेरी धुन है,

तेरे बिना ये दिल मेरा

जैसे अधूरा सा जुनून है।

तू साथ हो तो रास्ते भी

लगते हैं आसान,

तेरे नाम से धड़कता है

मेरे दिल का हर अरमान।

अंतरा तीन

तूने जब वो बात कही थी,

मैं डर गई थी प्यार से,

सोचा था ये रिश्ता खो दूँगी,

कहीं दोस्ती के हार से।

तेरी आँखों में वो आँसू,

रात भर की वो तन्हाई,

तब जाकर दिल ने चुपके से

अपनी सच्चाई बतलाई।

मैंने कहा, “चल एक मौका,

दिल को थोड़ा आज़माएँ,”

तू इतना खुश हुआ कि जैसे

सारे मौसम मुस्कुराएँ।

अंतरा चार

मेरी पसंद का नमक-नींबू,

मेरी थाली सजाता था,

मैं कुछ बोलूँ उससे पहले

तू पानी ले आता था।

बुखार में वो पाँच रातें,

माथे पर ठंडी पट्टी,

खुद घायल होकर भी तूने

मेरी चिंता नहीं छोड़ी।

फिर तस्वीरों वाली शाम थी,

मोमबत्ती और गुलाब,

मैं रो पड़ी थी देखकर तुझको,

क्योंकि तू था मेरा ख़्वाब।

ब्रिज

कभी लड़ते, कभी रूठते,

फिर खुद ही पास आते हैं,

टूटे हुए उन लम्हों को

बातों से जोड़ जाते हैं।

तूने कहा था, “छोड़ूँगा ना,”

मैंने भी वादा किया,

दुनिया चाहे कुछ भी बोले,

मैंने तेरा हाथ लिया।

कोई आए, कोई बहकाए,

दिल अपना नहीं बदलता,

जिसे सच्चे दिल से चाहो,

वो रिश्ता यूँ नहीं बिखरता।

अंतरा पांच — आज

अब शहर अलग हैं, रातें अलग,

तेरी सुबह, मेरी रात,

फिर भी हर दिन दिल में होती

तेरी ही एक मुलाक़ात।

कभी तू आता, कभी मैं आती,

मिलते हैं कुछ दिनों बाद,

दूरी चाहे जितनी हो अब,

कम नहीं होता अपना प्यार।

कल का सपना एक ही है,

एक ही घर, एक ही नाम,

तेरा हाथ मेरे हाथ में हो,

और उम्रभर रहे तेरा साथ।

अंतिम मुखड

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