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Wapas Aa Bhi Jao Na
Emotional

Wapas Aa Bhi Jao Na

Rakesh KushwahRakesh Kushwah
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Style: [Rap] देख, सच बोलूँ तो मैं ठीक नहीं हूँ, बस सामने वालों को दिखाता नहीं हूँ। तू पूछेगी तो शायद बोल भी दूँ, पर अब तेरा नंबर मिलाता नहीं हूँ। कभी-कभी रात को फोन उठा लेता हूँ, तेरी चैट तक जाता हूँ, फिर वापस आ जाता हूँ। सोचता हूँ एक “हाय” भेज दूँ तुझे, फिर खुद ही बोलता हूँ—“रहने दे, क्या फायदा इससे?” तू अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ गई होगी, शायद मेरी याद भी अब कम आती होगी। और मैं भी बोलता हूँ—“मुझे क्या फर्क पड़ता है,” पर तेरा नाम आते ही चेहरा सब बता देता है। दोस्त कहते हैं, “भाई, छोड़ ना उसको,” मैं कहता हूँ, “हाँ छोड़ दिया,” बस बात वहीं खत्म कर दो। उन्हें क्या पता, छोड़ना इतना आसान नहीं, जिसे दिल ने अपना माना हो, वो कोई सामान नहीं। अब किसी से जल्दी जुड़ता नहीं हूँ, पहले जैसा हर बात पे खुलता नहीं हूँ। तूने कुछ गलत किया या मैंने—पता नहीं, बस इतना पता है, अब पहले जैसा मैं रहा नहीं। और हाँ... अगर कभी तू वापस आ भी गई ना, तो शायद दरवाज़ा खुला मिले... लेकिन मैं वही इंसान नहीं मिलूँगा, जिसे तू छोड़कर गई थी।, sad
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Lyrics

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(हो...)

सच बोलूँ तो मैं ठीक नहीं

देख सच बोलूँ तो मैं ठीक नहीं हूँ

बस सामने वालों को दिखाता नहीं हूँ

तू पूछेगी तो शायद बोल भी दूँ

पर अब तेरा नंबर मिलाता नहीं हूँ

रात को फोन उठा लेता हूँ

तेरी चैट तक जाता फिर लौट आता हूँ

सोचता हूँ एक "हाय" भेज दूँ तुझे

फिर खुद ही बोलता—"रहने दे, क्या फायदा?"

मैं वही नहीं जो पहले था

तेरे बिना सब कुछ बदल गया

दिल ने अपना माना था जिसे

वो कोई सामान नहीं, समझा

(वो कोई सामान नहीं...)

मैं वही नहीं, मैं वही नहीं

तू आगे बढ़ गई होगी शायद

मेरी याद भी अब कम आती होगी

मैं कहता हूँ "मुझे क्या फर्क है"

पर नाम आते ही चेहरा सब बता देता है

दोस्त कहते हैं "छोड़ ना उसको"

मैं कहता "हाँ छोड़ दिया" बस खत्म करो

उन्हें क्या पता छोड़ना आसान नहीं

जिसे दिल ने माना वो सामान नहीं

मैं वही नहीं जो पहले था

तेरे बिना सब कुछ बदल गया

दिल ने अपना माना था जिसे

वो कोई सामान नहीं, समझा

(वो कोई सामान नहीं...)

मैं वही नहीं, मैं वही नहीं

अब किसी से जल्दी जुड़ता नहीं

पहले जैसा हर बात पे खुलता नहीं

तूने गलत किया या मैंने—पता नहीं

बस इतना पता, अब मैं रहा नहीं

(अब मैं रहा नहीं...)

अगर कभी तू वापस आ भी गई

तो दरवाज़ा शायद खुला मिले

पर मैं वही इंसान नहीं मिलूँगा

जिसे तू छोड़कर गई थी, देख ले

(मैं वही नहीं...)

मैं वही नहीं, मैं वही नहीं

(हो...)

मैं वही नहीं...

(वही नहीं...)

बस वही नहीं...

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