
Digital Hearts Bleed Soul
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Lyrics
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[Verse 1]
लहरें पार कर आए वीर,
मन में राम, ह्रिदय में धीर।
सामने लंका, रात अँधेरी,
राम-काज की राह थी घेरी।
[Chorus]
जय हनुमान, जय हनुमान,
रामदूत बलवान।
जय हनुमान, जय हनुमान,
वीर बजरंग महान।
[Verse 2]
लंका-द्वार लंकिनी आई,
राह रोककर बात सुनाई।
हनुमत ने जब रूप दिखाया,
लंकिनी ने शीश झुकाया।
[Call and Response]
रामदूत को कौन रोक पाए,
जिसके मन में राम समाए।
[Chorus]
जय हनुमान, जय हनुमान,
रामदूत बलवान।
लंका नगरी गूँज उठी,
जय-जय वीर हनुमान।
[Verse 3]
वन-वन खोजे, द्वार निहारे,
महल देखे, भवन निहारे।
अशोक वन में माँ को पाया,
दुःख में डूबा रूप सुहाया।
[Soft Dadra]
धीरे बोले — माता सुन लो,
राम का संदेश ह्रिदय में चुन लो।
मुद्रिका जब सामने आई,
माँ की आँखों में आशा छाई।
[Verse 4]
माता, मत रो, आएँगे राम,
दूर नहीं अब दुःख की शाम।
रावण का अभिमान मिटेगा,
राम का ध्वज फिर ऊँचा उठेगा।
माता ने आशीष दिया,
राम-काज का संदेश लिया।
[Verse 5]
अशोक वन में गर्जन गूँजा,
राक्षस-दल का साहस टूटा।
एक गया तो दूजा आया,
कोई वीर न टिककर पाया।
बजरंगी जब सामने आए,
राक्षस पीछे हटते जाएँ।
[Chorus]
जय बजरंग, जय बजरंग,
गूँजा नभ में जय का रंग।
एक अकेला वीर महान,
भारी पड़ा राक्षस दल पर।
[Verse 6]
मेघनाद लेकर बाण आया,
मन में अपना गर्व सजाया।
ब्रह्मास्त्र का मान रखा,
हनुमत ने धैर्य रखा।
रावण के दरबार में पहुँचे,
निडर खड़े, न तनिक झुके।
[Warning]
रावण सुन ले मेरी बात,
छोड़ दे माता, छोड़ दे घात।
राम से बैर न करना आज,
वरना मिट जाएगा तेरा राज।
[Verse 7]
रावण ने जब क्रोध दिखाया,
पूँछ में कपड़ा तेल लगाया।
सोचा था अब दंड मिलेगा,
कौन जानता, लंका जलेगा!
[Chorus]
जय हनुमान, जय हनुमान,
रामदूत बलवान।
पूँछ में ज्वाला, मन में राम,
गूँजा चारों ओर जयगान।
[Verse 8]
महल जले, बाजार जले,
सोने के सब द्वार जले।
एक भवन से दूजे भवन,
दौड़ी ज्वाला क्षण-क्षण।
लंका का अभिमान जला,
रावण का सम्मान जला।
राम नाम की ज्योति जली,
जय बजरंगबली!
[Chant]
लंका जली, लंका जली,
जय बजरंगबली।
राम नाम की ज्योति जली,
जय बजरंगबली।
[Verse 9]
सागर तट पर लौटे वीर,
मन में राम, ह्रिदय में धीर।
माँ सीता को मन में ध्याया,
राम-काज पूरा कर आया।
पवन वेग से नभ में जाएँ,
बादल चीरते आगे जाएँ।
दूर दिखी वानर टोली,
खुशियों से भर गई हर बोली।
[Chorus]
आ गए हनुमान, आ गए हनुमान,
जीत का संदेशा लाए हनुमान।
आ गए हनुमान, आ गए हनुमान,
रामदूत वीर महान।
[Call and Response]
अंगद बोले — बोलो जय!
जामवंत बोले — बोलो जय!
सबके मन में नई उमंग,
हर ह्रिदय में नया तरंग।
[Verse 10]
माँ सीता का समाचार मिला,
राम-काज का प्रमाण मिला।
डर की रात अब दूर हुई,
आशा की फिर भोर हुई।
सूने मन में रंग भर आ